सूरत. राइट टू एज्युकेशन (आरटीई) के तहत प्रदेश में रिक्त पड़ी सीटों के लिए प्रवेश का तीसरा राउंड घोषित कर दिया गया है। तीसरे राउंड में कई अभिभावकों को निराशा हाथ लगी है। सिर्फ 1386 विद्यार्थियों को ही प्रवेश दिए गए हैं। जिन्हें प्रवेश मिले हैं, उन्हें 30 जून तक स्कूलों में जाकर प्रवेश सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है।
प्रदेश की 9,854 निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत आरक्षण के अनुसार 82,820 सीटों के लिए 10 अप्रेल से आरटीई की प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई थी। प्रवेश के लिए प्रदेश से 98,501 अर्जियां जमा हुई थी। इनमें से 68,135 अर्जियों को मान्य रखा गया था। 14,532 आवेदनों को प्रमाणपत्रों के अभाव में तीन दिनों का अतिरिक्त समय दिया गया था। 15,834 फॉर्म रद्द कर दिए गए थे। मान्य आवेदनों के अनुसार छह किलोमीटर के दायरे में शिक्षा विभाग ने 54,903 विद्यार्थियों को प्रवेश देने की घोषणा की थी। प्रवेश के दोनों राउंड के बाद कुल 51,520 विद्यार्थियों ने स्कूलों में जाकर प्रवेश सुनिश्चित करवाए थे। दूसरे राउंड के बाद प्रदेश में 31,609 सीटें रिक्त पड़ी थी। जिन्हें प्रवेश नहीं मिल पाया, उन्हें तीसरे राउंड में स्कूलों का चयन करने का आदेश दिया गया था।
- विवाद भी शुरू :
सूरत के साथ ही प्रदेश के निजी स्कूलों में राइट टू एज्युकेशन (आरटीई) RTE ADMISSION के तहत प्रवेश देने की प्रक्रिया के साथ ही विवाद भी शुरू हो गया है। स्कूलों की ओर से फर्जी प्रवेश की बात कहकर विद्यार्थियों को परेशान करने के मामले सामने आने का दावा किया जा रहा है। इसे देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने प्रवेश मार्गदर्शिका जारी है। साथ ही प्रवेश में आनाकानी करने वाले स्कूलों को कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। प्रदेश के स्कूलों में आरटीई RTE ADMISSION के तहत प्रवेश का पहला राउंड शुरू हो गया है। इसी दौरान कई ऐसे मामले सामने आए जिसमें कहा गया कि संचालक प्रवेश देने में आनाकानी कर रहे हैं। इस तरह की शिकायतें मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने प्रवेश मार्गदर्शिका जारी की है। स्कूल संचालकों को यह आशंका होने पर कि अथ्यर्थी के दस्तावेज फर्जी हैं, उन्हें जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को इसकी शिकायत करने की सलाह दी गई है।