प्रदूषण कम होने से खासतौर पर पशु-पक्षियों व वन्यजीवों को मानो पुनर्जीवन मिल गया है। यही कारण है कि कई वन्यजीव या दुर्लभ पशु-पक्षी भी अब नजर आने लगे हैं।
सूरत. कोरोना काल में लॉकडाउन लगने से प्रदूषण बहुत कम हो गया है। इसका असर प्रकृति पर भी पड़ा। नदियों साफ-सुथरी दिखती हैं, पानी निर्मल हो गया है। प्रदूषण कम हो ने से खासतौर पर पशु-पक्षियों व वन्यजीवों को मानो पुनर्जीवन मिल गया है। यही कारण है कि कई वन्यजीव या दुर्लभ पशु-पक्षी भी अब नजर आने लगे हैं।
ऐसा ही एक नजारया अंजना फार्म क्षेत्र में दिखाई दिया। यहां एक दुर्लभ पक्षी नजर आया। अच्छी बात यह भी रही कि यह पक्षी शिकारियों या अन्य किसी गलत व्यक्ति को नजर आने के पहले एक पक्षी प्रेमी के हाथों आ गया। उन्होंने दुर्लभ पक्षी को अन्य पशु-पक्षियों या शिकारियों से सुरक्षित रखते हुए उसे वनविभाग को सौंप दिया। इस दौरान सूरत के नेचर एनजीओ के सदस्यों ने उस पक्षी को जंगल मे सुरक्षित छोडऩे के लिए अपने संरक्षण में ले लिया है।
अंजना फार्म क्षेत्र में कहीं से दुर्लभ पक्षी शिकारा का एक बच्चा रास्ता भटक कर आ गया। अनुमान लगाया जा रहा हे कि कौवों के झुंड से बचने की कोशिश में यह पक्षी किसी घर में लगे पौधों में जा छुपा। दिखाई देने पर वहीं रहने वाले पशु कल्याण के लिए कार्यरत संस्था उदय गंगा फाउंडेशन के सुधीर लुणावत ने इसे सुरक्षित स्थान पर रखकर वन विभाग को सूचित किया।