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SMC : सूरत मनपा पर सालाना 32 लाख 76 हजार रुपए का आर्थिक बोझ

सूरत. Surat Municipal Corporation सूरत महानगर पालिका SMC को नेशनल मेडिकल कमिशन National Medical Commission (एनएमसी) के आदेश के सामने झुकना पड़ा है। एनएमसी के आदेश के चलते सूरत मनपा पर 32 लाख से अधिक का आर्थिक बोझ बढ़ गया है। इंटर्नशिप की फीस वसूलने की जगह अब मनपा की ओर से विदेशी विद्यार्थियों को स्टाइपेंड देना होगा।

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SMC : सूरत मनपा पर सालाना 32 लाख 76 हजार रुपए का आर्थिक बोझ

SMC : सूरत मनपा पर सालाना 32 लाख 76 हजार रुपए का आर्थिक बोझ

नेशनल मेडिकल कमिशन National Medical Commission (एनएमसी) ने पिछले दिनों देश के सभी मेडिकल संस्थानों के नाम एक परिपत्र जारी किया था। इसमें उल्लेख किया गया था कि मेडिकल कॉलेजों को अपनी कुल सीटों के 7.5 प्रतिशत के अनुसार सीटों पर विदेश से मेडिकल करके आए विद्यार्थियों को इंटर्नशिप करने की अनुमति देनी होगी। साथ ही प्रति विद्यार्थी प्रतिमाह 18,200 रुपए का स्टाइपेंड भी देना होगा।
- सरकार के पास से राय मांगी गई :
स्मीमेर के प्राध्यापकों ने बताया कि एनएमसी ने जब नया नियम बनाया तो इस पर सभी प्रदेश की सरकार के पास से राय मांगी गई थी। गुजरात सरकार ने सूरत महानगर पालिका को इस मामले में राय देने के लिए सूचित किया था। तब मनपा ने आर्थिक बोझ बढ़ जाने की बात कहकर नियम नहीं मानने की राय दी थी, लेकिन एनएमसी ने अब नियम को पारित कर दिया है।

- 32 लाख 76 हजार का आर्थिक बोझ :
मनपा की स्मीमेर कॉलेज में 200 एमबीबीएस सीटें हैं, इसकी 7.5 प्रतिशत सीटें विदेशी विद्यार्थियों को इंटर्नशिप के लिए आवंटित करनी होगी। इसलिए मनपा को 15 विदेशी विद्यार्थियों को इंटर्नशिप की अनुमति देनी पड़ेगी। प्रति सीट 18,200 रुपए के अनुसार 15 विद्यार्थियों को प्रति माह 2 लाख 73 हजार रुपए चुकाने पड़ेंगें। मनपा की तिजोरी पर साल के 32 लाख 76 हजार का आर्थिक बोझ पड़ेगा।
- आदेश का पालन करना पड़ेगा :
आर्थिक बोझ बढ़ने के चलते पहले सरकार को मना किया गया था। अब एनएमसी का आदेश है, इसलिए इसका पालन करना पडेगा।
- डॉ. दीपक होवाले, डीन, स्मीमेर मेडिकल कॉलेज, सूरत मनपा संचालित

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