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SPECIAL NEWS: 2200 करोड़ की लागत से जंबूसर में साकार हो रहा बल्क ड्रग्स पार्क

- आठ हजार करोड़ के निवेश की संभावना:  

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SPECIAL NEWS: 2200 करोड़ की लागत से जंबूसर में साकार हो रहा बल्क ड्रग्स पार्क

SPECIAL NEWS: 2200 करोड़ की लागत से जंबूसर में साकार हो रहा बल्क ड्रग्स पार्क

भरुच. फार्मास्युटिकल सामग्री एपीआई के लिए अभी तक चीन पर निर्भर भारत आगामी वर्षों में इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन जाएगा। भरुच जिले के जंबूसर में देश का पहला 2200 करोड़ की लागत से बल्क ड्रग्स पार्क साकार हो रहा है। जंबूसर में बल्क ड्रग पार्क तेजी से विकसित हो रहा है। गुजरात सरकार पार्क सुविधाओं के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू करने और निकट भविष्य में कंपनियों को जमीन आवंटित करने की तैयारी कर रही है। जंबूसर के निकट करीब 2200 एकड़ में फैले बल्क ड्रग्स पार्क में शुरुआती तौर पर महत्वपूर्ण सामग्री के रूप में केएसएम, सक्रिय फार्मास्यूटिकल सामग्री एपीआई और फार्मास्यूटिकल मध्यवर्ती वस्तुओं के स्थानीय निर्माण को गति दी जाएगी, जिसे अभी तक चीन से आयात किया जाता है। इंडियन ड्रग मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन (आईडीएमए) इस पार्क को लगभग चार कंपनियों के लिए एक संभावित घर के रूप में देखता है। यहां पर आठ हजार करोड़ रुपए के निवेश की संभावना व्यक्त की जा रही है। फार्मास्यूटिकल हब के रूप में गुजरात की स्थिति महत्वपूर्ण होती जा रही है। गुजरात देश के निर्यात और विनिर्माण क्षमता दोनों में महत्वपूर्ण योगदान देता है। आयातित थोक दवाओं पर निर्भरता कम करने के लिए केन्द्र सरकार ने पूरे भारत में तीन थोक दवा पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव दिया था, जिसमें से एक भरुच जिले के जंबूसर में आकार ले रहा है। जंबूसर बल्क ड्रग्स पार्क में नाइट्रोजन उपयोगिताओं , सामान्य प्रवाह उपचार संयंत्र (सीईटीपी), साल्वेंट रिकवरी इकाइयां, प्रशिक्षण केंद्र, परीक्षण प्रयोगशालाएं और अनुसंधान स्थान सहित सामूहिक सुविधाएं उपलब्ध होगी। बल्क ड्रग पार्क से फार्मास्युटिकल उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला के निर्माण में शामिल 400 विभिन्न कंपनियों के स्थापित होने की उम्मीद जताई जा रही है।

- निर्यात में 5.1 प्रतिशत की वृद्धि के बावजूद आयात बढ़ा:

वित्तीय वर्ष 2023-24 की पहली तिमाही के दौरान फार्मास्यूटिकल निर्यात में 5.1 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इसके बावजूद आयातित कच्चे माल पर फार्मास्यूटिकल उद्योग की निर्भरता बढ़ गई है। सक्रिय फार्मास्यूटिकल सामग्री (एपीआई) का आयात 2021-22 में 2110 मिलियन डाॅलर से बढक़र 2022-23 में 3180 मिलियन डाॅलर हो गया है। जिसमें एक महत्वपूर्ण हिस्सा चीन से आया। हालांकि जंबूसर में बल्क ड्रग पार्क शुुरू होने के बाद फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में चीन पर भारत की निर्भरता कम होने के पूरे आसार है।

-जंबूसर बल्क ड्रग्स पार्क पर एक नजर:

- देश के पहले जंबूसर बल्क ड्रग्स पार्क, में सरकार ने शुरू की टेंडर प्रक्रिया

- जंबूसर बल्क ड्रग्स पार्क में 400 कंपनियों के 8 हजार करोड़ रुपए के निवेश की संभावना

- बल्क ड्रग्स पार्क शुरू होने के बाद फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में चीन पर निर्भर भारत बनेगा आत्मनिर्भर

- मई माह में ही 2200 एकड़ जमीन का सीमांकन कर तैयार किया गया था डीपीआर

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