
SPECIAL STORY: गणपति महोत्सव सही मायने में 'सुनील' को फला
सूरत. जबड़े के कैंसर का ऑपरेशन होता अथवा नहीं यह तो पता नहीं था, लेकिन इतना अवश्य था कि पति सुनील के इलाज के लिए 30 हजार का महंगा कर्ज रेखा शायद ही चुका पाती। मगर मानो गणपति बप्पा ने स्वयं उसका दुखड़ा सुना और जिस सोसाइटी में वे दोनों पति-पत्नी साफ-सफाई करते, वो ही सोसाइटी उनका यह दर्द दूर करने में आगे आई।
गणपति महोत्सव के दौरान कोरोनाकाल के 2 साल बाद सूरत महानगर की 'सीरत' पूरी तरह से बदली हुई है। शहर में सजे-धजे सैकड़ों पंडालों में जनजागृति समेत सामाजिक सरोकार के कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। धार्मिक सद्भाव की इसी श्रंखला में सेवा भाव का एक अनूठा कार्यक्रम पर्वत पाटिया क्षेत्र की श्याम वाटिका सोसायटी में देखने को मिला। सोसाइटी को वर्षों से साफ-सुथरा रखने की जिम्मेदारी निभाने वाले सफाईकर्मी सुनील भाई गणपति महोत्सव से ठीक एक-दो दिन पहले सोसाइटी में आना बंद कर दिए थे। इधर गणपति महोत्सव शुरू हो गया था और एक दिन सुनील भाई की पत्नी रेखा सोसाइटी की ही कुछ महिलाओं से मिली और उसने बताया कि उनके पति सुनील को जबड़े का कैंसर होने से वह हॉस्पिटल में एडमिट है। उनके महंगे उपचार के लिए रेखा ने 30 हजार रुपए का महंगा कर्ज भी लिया था, इतनी रकम से सुनील का ऑपरेशन संभव नहीं है। रेखा का यह दर्द सुन पहले सोसाइटी की महिलाओं ने मदद का मन बनाया मगर रकम बड़ी होने से यह बात सोसाइटी तक पहुंची। बस इसके बाद क्या था शाम होते ही सोसाइटी में गणपति बप्पा के दरबार के समक्ष सब लोग इक_ा हो गए और फिर श्याम वाटिका सोसाइटी को साफ सुथरा रखने वाले सुनील भाई के ऑपरेशन की जिम्मेदारी उठाने की ठान ली। देखते ही देखते महज एक घंटे में सोसाइटी वालों ने सफाई कर्मी सुनील के जबड़े के कैंसर ऑपरेशन के लिए दो लाख से ज्यादा की रकम इक_ी कर ली। इसके बाद सोसाइटी के प्रमुख लोग निलेश सिंघवी, महेंद्र श्रीमाली, मनोज राठी, सुरेश अग्रवाल, दिनेश राठी, राजेश मोहता, अनिल अग्रवाल, प्रवीण कपूरिया, गिरिराज आदि किरण हॉस्पिटल पहुंचे, जहां सुनील का उपचार चल रहा था। हॉस्पिटल में सोसायटी की देखरेख में सुनील काका का ऑपरेशन करवाया गया।
- गणपति महोत्सव सार्थक हो गया
सुनील के इलाज के लिए मात्र 30 हजार रुपए का ही कर्ज लिया था, इतना महंगा और कम था की कैंसर का ऑपरेशन संभव नहीं था। इसके कर्ज के बदले रेखा को प्रतिदिन फाइनेंसर को जमा कराने थे, जो बड़ा मुश्किल था। गणपति महोत्सव के दौरान शहर के अधिकांश पंडालों में सामाजिक-धार्मिक अनुष्ठान चल रहे हैं। ऐसे में श्याम वाटिका सोसायटी का सेवा अनुष्ठान सुनील-रेखा की जुबानी में सार्थक साबित हो गया है।
Published on:
08 Sept 2022 09:33 pm

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