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SUICIDE : ‘ननद से फोन पर बातचीत के दौरान ही खुद को गोली मारी’

महिला पीएसआई द्वारा खुद को गोली मारने का मामला.. - अमिता के पिता ने पति व ससुराल वालों पर लगाए गंभीर आरोप - बच्चे का हवाला देकर नौकरी छोडऩे के लिए लगातार प्रताडि़त कर रहे थे 'Shot himself during phone conversation with Nand' - Amita's father made serious allegations against husband and in-laws - Continuing harassment for quitting the job citing child

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SUICIDE : ‘ननद से फोन पर बातचीत के दौरान ही खुद को गोली मारी’

SUICIDE : ‘ननद से फोन पर बातचीत के दौरान ही खुद को गोली मारी’

सूरत. उधना थाने की महिला पुलिस उपनिरीक्षक अमिता जोशी की आत्महत्या को लेकर उनके पिता व भाई ने उनके पति व ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है ननद से चालू कॉल पर बातचीत के दौरान ही उन्होंने खुद को गोली मार दी थी।

महिधरपुरा पुलिस के मुताबिक, अमिता जोशी के पिता बाबूभाई व भाई नैनेश का आरोप है कि पति वैभव, ससुर जीतूभाई, सास हर्षा व ननंद अंकिता मिलकर अमिता पर नौकरी छोडऩे के लिए दबाव डाल रहे थे तथा उसे प्रताडि़त कर रहे थे। वे बच्चे की जिम्मेदारी का हवाला देकर उसे नौकरी छोडऩे के लिए कहते थे। यही बात अमिता भी वैभव से कह रही थी, क्योंकि वह पुलिस महकमे में उससेे ऊंचे पद पर थीं, वेतन भी अधिक था।

दोनों की नौकरी होने के कारण बच्चे को वैभव के माता-पिता संभाल रहे थे। वे सभी लगातार अमिता पर ही नौकरी छोडऩे के लिए दबाव डाल रहे थे। इसके अलावा वे उससे वेतन का हिसाब भी मांगते थे। वह उसका उपयोग कहां कहां करती थी, उसमें भी दखल करते थे। जिसकी वजह से वह मानसिक तनाव में थी। हालांकि सारे आरोप जांच का विषय है, क्योंकि महिला पीएसआई अमिता ने सुसाइड नोट में यह भी लिखा है कि उसकी मौत का कोई जिम्मेदार नहीं है।


पुलिस के मुताबिक आरोप लगाया गया है कि घटना से एक सप्ताह पूर्व अमिता को अकेला छोडक़र वे भावनगर चले गए थे। जिसकी वजह से अमिता आहत थी। वहां से भी वे अमिता को कॉल कर धमकाते थे। उससे कहा था कि बच्चा चाहिए तो इस्तीफा दे दो, वरना खुद को गोली मार दो। बच्चे से भी नौकरी छोडऩे के लिए कहलवाते थे।

उसने इस बारे में हमें बताया था। शनिवार को शादी की सालगिरह पर उसने वैभव को कॉल किया था। उससे सूरत आने के बारे में पूछा था। बच्चे को भी साथ लाने के लिए कहा था। बच्चे से काफी समय बात भी की थी। उसके बाद ननद को कॉल किया था।

उससे फोन पर कहा कि मुझे जीना नहीं है। मेरे जो भी रुपए है, मेरे बेटे के नाम कर देना। उसके बाद खुद को गोली मार ली थी। गोली की आवाज सुनकर उसकी नंनद ने वैभव को बताया। वैभव ने कई बार कॉल किया, लेकिन संपर्क नहीं हुआ।

बयान दर्ज नहीं, मोबाइल फॉरेंसिक सैंपल के लिए भेजा :

मामले की जांच कर रहे महिधरपुरा थाना प्रभारी आर.के. धुलिया ने बताया कि अमिता के पिता व भाई ने आरोप लगाए हैं, लेकिन आधिकारिक बयान नहीं दर्ज करवाए। वहीं, उसके ससुराल वालों से भी पूछताछ नहीं हुई है। अंतिम संस्कार के बाद की पूरी प्रक्रिया होने के बाद दोनों पक्षों से पूछताछ होगी। उसके बाद मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। अमिता के मोबाइल व मौके से लिए गए सैम्पल फोरेन्सिक जांच के लिए भेजे गए। अन्य लोगों के बयान भी लिए जा रहे हैं।

यह था घटनाक्रम :


उल्लेखनीय है कि पीएसआई अमिता जोशी ने शनिवार दोपहर सी/103, फालसावाड़ी पुलिस लाइन स्थित अपने निवास पर खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली थी। दोपहर साढ़े बारह बजे तक वे फोन पर ऑनलाइन थी। उसके बाद उनके पति ने वैभव ने कई कॉल किए लेकिन संपर्क नहीं हुआ। तो उन्होंने पुलिस लाइन के इंचार्ज को खबर की।

उन्होंने अंदर से बंद फ्लैट का दरवाजा तोड़ा था। पलंग पर उनका शव पड़ा था। सर्विस रिवॉल्वर थी। उन्होंने शायद तकिया लगा कर पेट में गोली मारी थी। पुलिस को उनकी डायरी भी मिली। जिसमें वह सुविचार लिखती थी। डायरी में उन्होंने अंतीम वाक्य ‘जीना मुश्किल है, मरना भी मुश्किल है। मेरी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाए’ लिखा था।