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SURAT DEEPAWALI NEWS: लक्ष्मी माता की अगवानी में बिछाए पलक-पांवड़े

-दीपावली पर घर-घर हुआ लक्ष्मी पूजन, रात में देर तक चलता रहा आतिशबाजी का दौर

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SURAT DEEPAWALI NEWS: लक्ष्मी माता की अगवानी में बिछाए पलक-पांवड़े

SURAT DEEPAWALI NEWS: लक्ष्मी माता की अगवानी में बिछाए पलक-पांवड़े

सूरत. कार्तिक अमावस्या सोमवार की रात झिलमिल सितारों से जगमगाती रही। रोशनी के पर्व दीपावली की रात करोड़ों दीपों की जगमगाहट से रोशन हो गई। प्रकाश पर्व की खुशी मनाते हुए लोगों ने रात में जमकर आतिशबाजी की और इससे पहले बड़े लाड-चाव से लक्ष्मी माता को विघ्नविनायक गणपति और सरस्वती मैया को धूप-दीप एवं नैवेद्य चढ़ाकर मनाया।
कार्तिक अमावस्या के अवसर पर घर-परिवार और समाज में सुख, समृद्धि व खुशहाली की मंगल कामना महालक्ष्मी के समक्ष दीपावली के अवसर पर सोमवार को की गई। सूरत समेत दक्षिण गुजरात में घर-घर में दीपों की झिलमिलाहट के साथ महालक्ष्मी की अगवानी की गई। दीपावली पर्व धूमधाम से मनाने के लिए 10-15 दिनों से की गई तैयारियों का सजा-संवरा रूप कार्तिक अमावस्या के मौके पर देखने को मिला। इस दौरान सुबह से ही लोग दीपावली की तैयारियों में व्यस्त दिखे और उन्होंने घर, प्रतिष्ठान एवं अन्य स्थल पर पूजा सामग्री की खरीदारी की। इस मौके पर महिलाओं और युवतियों ने घर में साफ-सफाई की और बाद में आंगन में आकर्षक रंगोलियां सजाकर महालक्ष्मी को आमंत्रण दिया। रंगोली बनाने और मिठाइयां तैयार करने का दौर घरों में दिनभर चला। उसके बाद शाम होते ही घर-घर में झिलमिल करते दीपों की कतार जगमगाने लगी और लोगों ने नए वस्त्र पहनकर दीपावली पूजन की तैयारियां शुरू की। बाद में उन्होंने विशेष लग्न व श्रेष्ठ मुहूर्त मुताबिक पंडितों की उपस्थिति में विधि-विधान से लक्ष्मी, सरस्वती एवं महाकाली की पूजा-अर्चना गणपति देव के आह्वान के साथ की।


-प्रदोषकाल गोधुलिवेला में की लोगों ने पूजा


दीपावली पर लक्ष्मी पूजन के लिए अधिकांश घरों व अन्य स्थलों पर गोधुलिवेला के समय वृषभ लग्न को श्रेष्ठ मुहूर्त के रूप में चुना गया। प्रदोषकाल के दौरान वृषभ लग्न में लोगों ने सज-धजकर मां लक्ष्मी की विधि-विधान से आराधना की और सदैव घर-भंडार भरे रखने की कामना व्यक्त की। वहीं, कई स्थलों पर सिंह लग्न में भी मध्यरात्रि के बाद पूजा-आराधना की गई।


-बाजार भीड़ से रहे गुलजार


सोमवार को दीपावली पर सुबह से ही शहरभर के बाजार गुलजार रहे। सरदार मार्केट समेत अन्य कई स्थलों पर लक्ष्मी पूजन के लिए गन्ने, सीताफल, कमल, पुष्प आदि खरीदने के लिए बड़ी संख्या में लोग सुबह पहुंचे। वहीं, कपड़े, मिठाई एवं अल्पाहार केंद्रों पर भी भीड़ रही। इसके अलावा पटाखा विक्रेताओं के यहां भी भीड़ रही। लोगों की चहल-पहल बाजार में दिनभर बनी रही।


-आसमान में झिलमिलाती रही सतरंगी रोशनी


रोशनी पर्व के मौके पर सोमवार रात शहर में आतिशबाजी का दौर रात में देर तक चलता रहा। शाम ढलते ही शुरू हुई आतिशबाजी से अमावस की रात में आसमान की कालिमा में सतरंगी रोशनी दमक उठी। दीपावली के अवसर पर आतिशबाजी के दौर में बच्चों का उत्साह अधिक रहा और वे परिजनों के साथ रात में देर तक सोसायटी-अपार्टमेंट के बाहर जमा होकर पटाखे चलाते रहे।


सूर्यग्रहण का असर, कल सजेगा अन्नकूट


सूरत. 27 साल बाद दीपावली पर सूर्यग्रहण का साया रहेगा हालांकि भारत में यह आंशिक रूप से देखने को मिलेगा। सूर्यग्रहण काल मंगलवार को दोपहर 2 बजकर 29 मिनट से शुरू होगा और शाम 6 बजकर 32 मिनट पर समाप्त होगा। सूर्यग्रहण की अवधि 4 घंटे 3 मिनट की रहेगी। सूर्यग्रहण का सूतक काल 12 घंटे पहले शुरू हो जाएगा और यह सोमवार को मध्यरात्रि बाद 2 बजकर 30 मिनट से शुरू होगा । मंगलवार को सूर्यग्रहण होने से दीपावली के अगले दिन मनाए जाने वाले सभी त्योहार गोवर्धन पूजा, अन्नकूट, गुजराती नववर्ष इत्यादि बुधवार को मनाए जाएंगे। इस दौरान महिलाएं सुबह में घर के बाहर आंगन में गोवर्धन पूजा करेगी। बाद में अन्नकूट का भोग घर-घर में भगवान को परोसा जाएगा। इस मौके पर शहर के वेसू में श्रीश्याम मंदिर, सिटीलाइट में राणी सती मंदिर, भटार में श्रीराम मंदिर समेत अन्य मंंदिरों में अन्नकूट के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं, गुजराती पंचांग के अनुसार नववर्ष की शुरुआत पर लोग एक-दूसरे को नए वर्ष की बधाई देंगे।

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