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SURAT KAPDA MANDI: निर्यात की श्रेणी में आया, कई देशों में मांग और आपूर्ति

-एडवांस टेक्नोलॉजी मशीनों के उत्पादन व निर्यात में चीन का बोलबाला पर टक्कर में खड़ी हो रही है सूरत कपड़ा मंडी-चीन निर्मित मशीनों पर ही तैयार होता है जैकार्ड फेब्रिक्स, कोरोना के बाद बदले वैश्विक बाजार में परिस्थितिवश बनी है मांग

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SURAT KAPDA MANDI: निर्यात की श्रेणी में आया, कई देशों में मांग और आपूर्ति

SURAT KAPDA MANDI: निर्यात की श्रेणी में आया, कई देशों में मांग और आपूर्ति

सूरत. आज भले ही जैकार्ड फैब्रिक्स के निर्यात के यह आंकड़े काफी बौने है, लेकिन वह वक्त दूर नहीं जब निर्यात का ग्राफ आसमान छूएगा। इस पर भी मजे की बात जिस चीन से सूरत कपड़ा मंडी एडवांस टेक्नोलॉजी मशीनें आयात कर रही है, उसी चीन को जैकार्ड फैब्रिक्स के निर्यात मामले में टक्कर भी दे रही है।
एडवांस टेक्नोलॉजी की शटललैस मशीनों में खास तौर पर शामिल हाईस्पीड रेपियर जैकार्ड, रेपियर जैकार्ड, वाटरजेट, एयरजेट समेत अन्य ने सूरत कपड़ा मंडी में वैश्विक व्यापार के नए द्वार खोल दिए हैं। यह द्वार यूं तो कोरोना के आगमन से पहले ही खुल गए तो मगर इसमें आवा-जाही अर्थात उत्पादन-मांग और आपूर्ति पिछले दो साल में अधिक बढ़ी है। इन मशीनों पर तैयार होने वाले जैकार्ड फैब्रिक्स की मांग और आपूर्ति कुछ समय पहले तक पूर्वी-दक्षिणी एशियाई देशों तक सीमित थी जो अब खाड़ी व अफ्रीकन देशों तक भी पहुंच गई है। हालांकि अभी भी सूरत कपड़ा मंडी में जैकार्ड फैब्रिक्स का उत्पादन व निर्यात की संख्या कोई बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन जिस तरह का कपड़ा कारोबार में शामिल नई युवा पीढ़ी का इस तरफ झुकाव है उससे लगता है कि अगले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में सूरत कपड़ा मंडी के लिए बेहतर संभावना हैं।

-एक सौ करीब निर्यातक और 5 लाख मीटर

एडवांस टेक्नोलॉजी की मशीनों पर तैयार सभी तरह के फैब्रिक्स का जाना-माना नाम जैकार्ड फैब्रिक्स है और इसे पूर्वी-दक्षिणी एशियाई देश वियतनाम, थाईलैंड, म्यांमार, मलेशिया, सिंगापुर के अलावा खाड़ी व अफ्रीकन देशों में निर्यात करने वाले सूरत कपड़ा मंडी में करीब एक सौ नियार्तक व्यापारी है। फिलहाल निर्यात का आंकड़ा औसत 5 लाख मीटर प्रतिमाह बताया जाता है। इसमें भी लीची नामक यार्न से तैयार फैब्रिक्स की वैश्विक कपड़ा बाजार में जबर्दस्त डिमांड है और यह सूरत कपड़ा मंडी में खूब तैयार होता है।

-छोटी ही सही पर यूं देती है चीन को टक्कर

-एडवांस टेक्नोलॉॅजी की 90 फीसद मशीनें चीन से आयात होती है, लेकिन उनकी निर्यात नीति और कोरोना के बाद से चीन के प्रति पैदा हुए व्यापारिक अविश्वास की वजह से सूरत के युवा कपड़ा व्यापारियों में निर्यात के क्षेत्र में चीन को ही टक्कर देने का माद्दा पैदा कर दिया है। वैश्विक कपड़ा बाजार में चीन के प्रति पनपी इस व्यापारिक परिस्थिति को सूरत कपड़ा मंडी ने भी बखूबी भांपा है और यही वजह है कि एडवांस टेक्नोलॉजी की हाईस्पीड रेपियर जैकार्ड मशीनों का सूरत महानगर में सचिन औद्योगिक क्षेत्र बड़ा हब बनता जा रहा है।

-सरकारी योजना से थोड़ी मुश्किल जरूर

जैकार्ड फैब्रिक्स उत्पादक व निर्यातक बताते हैं कि टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन फंड (टफ स्कीम) योजना से मिलने वाली सब्सिडी सरकार ने बंद कर दी है और इसके विकल्प के रूप में टीटीडीएस योजना बनाई है, लेकिन अभी वो पूरी तरह से अमल में नहीं आई है। टफ स्कीम से सूरत के टेक्सटाइल क्षेत्र में मशीनरी व टेक्नोलॉजी में बड़ा निवेश होता है और इस पर 20 प्रतिशत सब्सिडी भी मिलती थी जो अभी नहीं मिल रही है। टफ के विकल्प रूप में टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी डवपलपमेंट स्कीम के अमलीकरण का इंतजार है।

-मौजूदा हालात, बेहतर भविष्य का संकेत

एडवांस टेक्नोलॉजी की मशीनों से तैयार फैब्रिक्स की जिस तरह से वैश्विक कपड़ा बाजार में मांग है, वह बेहतर भविष्य का ही संकेत करती है। मशीनों का आयात और फैब्रिक्स के निर्यात दोनों में ही सूरत कपड़ा मंडी में लगातार तेजी है।

अभिषेक टिबरेवाल, जैकार्ड फैब्रिक्स उत्पादक व निर्यातक।

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