
SURAT MAHARAILY: सडक़ों पर उमडा जैन सैलाब, चहुंओर गूंजा जय-जय गिरनार
सूरत. अपने आराध्यदेव के पवित्र स्थलों की रक्षा के लिए मंगलवार सुबह जैन समाज मानों घरों के ताले लगाकर ही सडक़ों पर उतर पड़ा। पार्ले पॉइंट स्थित सरगम शॉपिंग सेंटर से जिला सेवा सदन तक आदमी-आदमी दिखाई दे रहे थे। तीन किलोमीटर के महारैली मार्ग में जय-जय गिरनार की गूंज करते हुए महारैली में शामिल महिला-पुरुष, बच्चे-बूढ़े सभी सम्मेद शिखरजी, पालिताणा और गिरनार तीर्थ की पवित्रता बनाए रखने की मांग सरकार से करते नजर आए।
झारखंड स्थित सम्मेद शिखरजी महातीर्थ को पर्यटन स्थल घोषित करने व पालिताणा में गिरनार महातीर्थ पर असामाजिक तत्वों की गतिविधियों से जैन समाज में काफी समय से व्यापक रोष बना हुआ है। इस संदर्भ में देशभर में समाज की ओर से रैली, ज्ञापन के माध्यम से प्रदर्शन किए जा रहे हैं और इस श्रृंखला में मंगलवार सुबह सकल जैन समाज की ओर से पार्ले पॉइंट स्थित सरगम शॉपिंग सेंटर से जिला सेवा सदन तक महारैली का आयोजन किया गया। महारैली सुबह नौ बजे सरगम शॉपिंग सेंटर से शुरू होनी थी, लेकिन उससे पहले ही वहां लोगों का हुजूम जमा हो गया और थोड़ी ही देर में सरगम शॉपिंग सेंटर से पार्ले पॉइंट तक यह स्थिति हो गई कि पैर रखने को जगह नहीं रही। इस बीच महारैली में शामिल होकर पवित्र स्थलों के संरक्षण के लिए लोगों के पहुंचने का सिलसिला चलता रहा और आखिर साढ़े नौ बजे महारैली अठवालाइंस रोड स्थित जिला सेवा सदन के लिए रवाना हुई। तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित जिला सेवा सदन तक आधे-पौने घंटे में महारैली में शामिल लोग पहुंच गए तो महारैली का दूसरा छोर इस दौरान तक पार्ले पॉइंट तक ही था। अठवलाइंस रोड पर महारैली के दौरान मंगलवार सुबह पैर रखने को जगह नहीं मिली और हजारों लोग सडक़ किनारे खड़े रहकर महारैली में शामिल लोगों का हौंसला बढ़ाते रहे और जय-जय गिरनार की गूंज करते रहे। महारैली में गुरु-भगवंत भी शामिल रहे। अपुष्ट सूत्रों से महारैली में एक लाख से ज्यादा लोगों के शामिल होने की जानकारी मिली है।
-सरकार के नाम जिला कलक्टर को सौंपा ज्ञापन
सकल जैन समाज के प्रतिनिधियों ने जिला सेवा सदन पहुंचने के बाद जिला कलक्टर आयुष ओक को केंद्र व झारखंड और गुजरात सरकार के नाम ज्ञापन पत्र सौंपा। इसमें प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि बार-बार जैन समाज की आस्था के पवित्र केंद्रो पर चोट हो रही है। कभी गिरनारजी, कभी पालिताणाजी और अभी सम्मेद शिखरजी तीर्थ को पर्यटक स्थल घोषित कर सकल जैन समाज की धार्मिक भावनाओं को आहत किया जा रहा है। सरकार से निवेदन है कि इस धार्मिक मुद्दे पर गंभीरता से चिंतन कर जल्द से जल्द श्रीसम्मेद शिखरजी तीर्थ को पर्यटन स्थल की घोषणा को वापस लिया जाए और पालिताणाजी व गिरनारजी तीर्थ की सुरक्षा का प्रबंध किया जाए, ताकि जैन धर्म की आस्था चोटिल ना हो और उनकी भावनाएं आहत ना हो।
Published on:
04 Jan 2023 09:39 am
बड़ी खबरें
View Allसूरत
गुजरात
ट्रेंडिंग
