-सूरत से वैष्णोदेवी दर्शन यात्रा पर गया था 1680 यात्रियों का एक दल, ट्रेन संचालन बंद होने से वहीं पर फंसे रह गए
सूरत. यात्री दल में 8-10 साल के बच्चों से लेकर 65-70 साल के बुजुर्ग भी शामिल है। बुधवार को दूसरा दिन हो गया, लेकिन किसी तरह की सुविधा कटरा से निकलने के लिए नहीं मिल पाई है। यात्री दल में शामिल कई लोग अतिरिक्त खर्चा कर अलग-अलग सााधनों से सूरत के लिए रवाना भी हुए हैं जबकि अभी भी यहां हम सभी को ट्रेन संचालन का सरकार से इंतजार है।
यह बातें बुधवार को दूसरे दिन भी कटरा में फंसे सूरत के यात्रियों ने वीडिय़ो बनाकर सोशल मीडिया के माध्यम से कही है। यह सभी यात्री मां वैष्णोदेवी दर्शन के लिए स्पेशल ट्रेन से गए थे और पंजाब में किसान आंदोलन फिर से सक्रिय होने से रोके गए रेल परिवहन की वजह से जम्मू-कश्मीर के कटरा में फंसे हुए है। इससे पूर्व सूरत से मां वैष्णो यात्रा सेवा ट्रस्ट की ओर से 1680 यात्रियों के साथ एक स्पेशल ट्रेन गत 17 दिसम्बर को कटरा के लिए रवाना हुई थी और इनकी मथुरा-वंृदावन होकर सूरत के लिए कटरा रेलवे स्टेशन से रवानगी मंगलवार दोपहर में थी। यह सभी यात्री मंगलवार सुबह कटरा रेलवे स्टेशन पर पहुंचे तो उन्हें पता चला कि पंजाब में किसान आंदोलन की वजह से ट्रेन संचालन बंद है और तब से कटरा में ही फंसे हुए हैं।
मंगलवार देर शाम तक किसी तरह की व्यवस्था नहीं होने पर संघ के चार सौ से ज्यादा यात्री सदस्य किराए पर वाहन, बस व हवाईजहाज के माध्यम से नई दिल्ली के लिए रवाना भी हो गए थे और यह सिलसिला बुधवार दोपहर तक भी चला। संघ के राजकुमार मुंदड़ा ने बताया कि रेलवे प्रशासन, अधिकारियों व नेताओं से कोरे आश्वासन के अलावा फिलहाल कुछ नहीं मिला है जबकि बुधवार दोपहर बाद एक ट्रेन कटरा से अमृतसर के लिए रवाना भी की गई है।
-कोई भी व्यवस्था करवाए
यात्री दल में कई बड़े-बुजुर्ग, महिलाएं व बच्चे शामिल है। सर्दी के इस मौसम में कब तक होटल वगैरह में रहा जा सकता है। सरकार को किसी भी तरह से हम सभी के यहां से निकलने की व्यवस्था करनी चाहिए।
-निमेश पटेल, यात्री
-हमारी मदद करो सरकार
दो दिन से सैकड़ों यात्री कटरा में फंसे पड़े हैं। छोटे-बड़े सभी लोग इनमें शामिल है और सभी कई तरह की समस्याओं का सामना कर रहे हैं। सरकार को आगे बढ़कर हम सभी यात्रियों की मदद करनी चाहिए और घर पहुंचाना चाहिए।
-राकेश पाठक, यात्री