1 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

SURAT NEWS: मनाया वटसावित्री पर्व, बरगद की पूजा

तीन दिवसीय वटसावित्री व्रत-पूजन की पूर्णाहुति ज्येष्ट अमावस्या

less than 1 minute read
Google source verification
SURAT NEWS: मनाया वटसावित्री पर्व, बरगद की पूजा

SURAT NEWS: मनाया वटसावित्री पर्व, बरगद की पूजा

सूरत. तीन दिवसीय वटसावित्री व्रत-पूजन की पूर्णाहुति ज्येष्ट अमावस्या सोमवार को हुई और इस मौके पर व्रती महिलाओं ने सुबह मंदिरों में दर्शन, पूजा और कथा का श्रवण किया। बाद में बरगद के तने पर कच्चे सूत का धागा लपेटकर पति के चिरायु और परिवार में सुख, शांति और समृद्धि की कामना व्यक्त की।
तीन दिवसीय वटसावित्री व्रत-पूजन की शुरुआत ज्येष्ठ कृष्णपक्ष त्रयोदशी से की गई थी। इस दौरान व्रती महिलाओं ने नियमित दर्शन-पूजन व कथा का श्रवण किया। ज्येष्ठ अमावस्या के मौके पर सोमवार को सुबह से ही महिलाएं शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थित मंदिरों के निकट बरगद के समीप पहुंची। यहां पर पहले से ही मौजूद पंडितों की उपस्थिति में उन्होंने पूजा-अर्चना की विधिवत शुरुआत की। इस दौरान पंडितों के मंत्रोच्चार के साथ जल संकल्प करने के बाद महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-आराधना की और बाद में प्रसाद का भोग चढ़ाकर दीप आरती की। इस दौरान उन्होंने दाम्पत्य जीवन में सदैव खुशियां रहने और पति के दीर्घायु होने की कामना के साथ बरगद के तने पर प्रदक्षिणा करते हुए कच्चे सूत का धागा लपेटा। इस अवसर पर मंदिरों में भी दर्शन-पूजन के लिए महिलाओं की विशेष रूप से भीड़ रही। बरगद की पूजा के बाद महिलाओं ने नजदीक स्थित मंदिर में जाकर शिव-पार्वती की विशेष पूजा की।

-15 दिन बाद फिर होगा आयोजन

स्थानीय गुजराती समाज में वटसावित्री व्रत-पूजन का आयोजन ज्येष्ठ शुक्लपक्ष त्रयोदशी से पूर्णिमा तक किया जाएगा और इस दौरान महिलाएं तीन दिवसीय व्रत-पूजन के दौरान नियमित देव दर्शन, पूजन, कथा श्रवण के आयोजन में शामिल होगी और ज्येष्ठ पूर्णिमा 14 जून को व्रत की पूर्णाहुति होगी।

Story Loader