
surat railway station parking
सूरत. सूरत रेलवे स्टेशन पर दो और चार पहिया वाहनों की पार्किंग के लिए वाहन चालकों को परेशानी से दो-चार होना पड़ता है। कई बार पार्किंग संचालकों की ओर से पीक आवर्स में हाउस फुल का बोर्ड लगा देने से चालकों को वाहन पार्क करने के लिए इधर-उधर जगह तलाशनी पड़ती है।
मुम्बई रेल मंडल में मुम्बई सेंट्रल के बाद सूरत सबसे अधिक आय देने वाला स्टेशन है। सूरत से प्रतिदिन 60 हजार से अधिक यात्रियों का आवागमन होता है। इनमें चार-पांच हजार यात्री रोजाना अप-डाउन करने वाले पासधारक होते हैं। ऐसे यात्री प्रतिदिन अपने दो पहिया वाहन से स्टेशन आते हैं और रेलवे पार्किंग में वाहन पार्क करने के बाद ट्रेन पकड़ते हैं। इन यात्रियों को वाहन पार्क करने की जगह ढूंढनी पड़ती है।
पार्किंग की कम जगह के कारण कई बार वाहन चालकों को खासी मशक्कत करनी पड़ती है। स्टेशन बिल्डिंग के पश्चिम में दो जगह दो पहिया और एक जगह चार पहिया वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था है। जगह कम और वाहन ज्यादा होने के कारण वाहन चालकों को पार्किंग की जगह नहीं मिलती। पार्किंग में तैनात कर्मचारी जगह फुल होने पर चालकों को स्टेशन बिल्डिंग के पूर्व की ओर वाहन पार्क करने के लिए कहते हैं।
स्टेशन बिल्डिंग के सामने से पीछे पूर्व में घूमकर जाना पड़ता है। मुम्बई मंडल के रेल प्रबंधक शैलेन्द्र कुमार ने गुरुवार को सूरत में विभिन्न प्रकल्पों का उद्घाटन किया था। मीडिया से उनकी बातचीत के दौरान पार्किंग का मुद्दा उठाया गया तो उन्होंने कहा कि जितनी जगह है, उसी में काम चलाना होगा। फिलहाल कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जा सकती।
मल्टीलेवल पार्किंग है विकल्प
सूरत रेलवे स्टेशन को मॉडल स्टेशन बनाने के प्लान को सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। स्टेशन परिसर में मॉडल स्टेशन का जो मॉडल रखा गया है, उसमें आर्किटेक्ट ने मल्टीलेवल पार्किंग दर्शाई है। इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (आईआरएसडीसी) को मॉडल स्टेशन की दिशा में कार्य करना है। स्टेशन बिल्डिंग के सामने कार पार्किंग की जगह काफी बड़ी है। वहां मल्टीलेवल बिल्डिंग बनाकर पार्किंग की व्यवस्था की जा सकती है। डीआरयूसीसी सदस्य राकेश शाह का कहना है कि पहले स्टेशन बिल्डिंग के सामने तथा रेलवे पुलिस के नजदीक खाली जगह दो पहिया वाहन पार्किंग की व्यवस्था थी। समय के साथ स्टेशन पर कई फेरबदल हुए। स्टेशन बिल्डिंग के सामने की जगह को यात्रियों के आने-जाने के लिए खुला रखा गया। रेलवे पुलिस के नजदीक भी वाहन पार्किंग की व्यवस्था बंद कर दी गई।
काफी दिक्कत
वाहन चालकों को पार्किंग में काफी दिक्कत आती है। मल्टीलेवल पार्किंग के बारे में जल्द ठोस निर्णय की आवश्यकता है।
राकेश शाह, सदस्य, डीआरयूसीसी
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