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शिक्षा नीति बनाने से पहले ली विद्यार्थियों की परीक्षा

एनसीईआरटी की ओर से किया जा रहा है सर्वे, एनएएस की ओर से ली गई परीक्षा

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सूरत. नई शिक्षा नीति की तैयारियों के तहत एनसीईआरटी की ओर से देशभर में सोमवार को विद्यार्थियों के मूल्यांकन के लिए परीक्षा आयोजित की गई। सूरत में कलक्टर की देख-रेख में हुई परीक्षा में 80 से अधिक स्कूलों के विद्यार्थियों ने पेपर दिया। देश की नई शिक्षा नीति तैयार करने के लिए एनसीईआरटी की ओर से देशभर में सोमवार को विद्यार्थियों के मूल्यांकन के लिए परीक्षा आयोजित की गई।

नेशनल काउंसिल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) की ओर से एक प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत देशभर के विद्यार्थियों की परीक्षा ली जाती है। परीक्षा लेने का जिम्मा नेशनल एचीवेमेंट सर्वे(एनएएस) को सौंपा गया है। यह परीक्षा ओएमआर प्रणाली पर आधारित होती है। इस परीक्षा का मूल्यांकन कर एनसीईआरटी देशभर के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा की नीति तैयार करता है।

10वीं के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया

सोमवार को एनएसए की ओर से ली गई परीक्षा में सूरत के 82 स्कूलों के 10वीं के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इसमें 80 स्कूल गुजरात बोर्ड के, एक स्कूल सीबीएसई और एक स्कूल आईसीएसई का है। सूरत के साथ यह परीक्षा देशभर के स्कूलों में आयोजित की गई। परीक्षा का प्रश्नपत्र ओएमआर प्रणाली पर आधारित था। सूरत में होने वाली परीक्षा का निरीक्षण कलक्टर की टीम ने किया । कलक्टर ने इसके लिए विभिन्न टीमें बनाई थीं।

मूल्यांकन किया जाएगा

परीक्षा के बाद नेशनल एचीवेमेंट सर्वे की टीम की ओर से उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाएगा। विद्यार्थियों के इस मूल्यांकन के आधार पर नेशनल काउंसिल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) को शिक्षा नीति बनाने में उपयोग किया जाएगा।

निरीक्षण के दिए निर्देश

नेशनल काउंसिल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) की ओर से एक प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत देशभर के विद्यार्थियों की परीक्षा ली जाती है। सोमवार की परीक्षा के निरीक्षण के लिए टीम बना दी गई है। टीम को निरीक्षण का आदेश दे दिया गया है।
महेन्द्र पटेल, कलक्टर, सूरत