डीजल की बढ़ती दर के विरोध में ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन का देशव्यापी आंदोलन, सूरत टैक्सटाइल गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने भी उतरी
सूरत. प्रधानमंत्री के नाम जिला कलक्टर को सौंपे ज्ञापन में सोमवार को सूरत टैक्सटाइल गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने डीजल की लगातार बढ़ती दर पर आपत्ति जताई है और इस पर नियंत्रण के लिए एक माह में ठोस योजना बनाने की मांग की है। एक माह में डीजल की बढ़ती दर पर लगाम नहीं लग पाई तो ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन देशव्यापी चक्काजाम कर देगी।
डीजल की लगातार बढ़ती कीमत के विरोध में ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने सोमवार को ब्लैक डे मनाकर देशव्यापी प्रदर्शन का निश्चय किया था। इस सिलसिले में सूरत टैक्सटाइल गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन भी सोमवार को मैदान में उतरी और डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में प्रधानमंत्री के नाम लिखा ज्ञापन जिला कलक्टर को सौंपने जिसा सेवा सदन पहुंची। ज्ञापन के संबंध में सूरत टैक्सटाइल गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रमुख युवराज देसले ने बताया कि डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही है और इससे कोरोना काल में ट्रांसपोर्ट व्यावसायियों के लिए कई मुश्किलें पैदा हो रही है। इस मामले में ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने पूरे देशभर के ट्रांसपोर्ट व्यावसायियों से सोमवार को ब्लैक डे मनाने का आह्वान किया है और जिला स्तर पर जिला कलक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री, केंद्रीय सड़क व परिवहन मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने की जानकारी दी थी, उसके मुताबिक सोमवार को एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल ने जिला सेवा सदन में जिला कलक्टर को प्रधानमंत्री व केंद्रीय सड़क व परिवहन मंत्री के नाम लिखा ज्ञापन पत्र सौंपा है। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रतिनिधिमंडल में एसटीजीटीए के प्रमुख युवराज देसले, चेयरमैन बनारसीदास अग्रवाल, सदस्य नीरजसिंह, नेहल बुद्धदेव, नरेंद्र योगी, गुरमीत, सुनील गांधी, बीआर अग्रवाल आदि मौजूद थे।
-30 जुलाई तक दी मोहलत
ज्ञापन में एसोसिएशन ने मांग की है कि डीजल की बढ़ती कीमतों को काबू में लेने के लिए सरकार ठोस योजना बनाकर अमल में लाए। इसके लिए पेट्रोल-डीजल की दर पर केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी व राज्य सरकार की वैट को व्यवस्थित कर दर की घोषणा त्रेमासिक की जानी चाहिए। इसके अलावा ईएमआई पर छह महीने की मोरिटोरियम भी ट्रांसपोट्र्स को मिलनी चाहिए और ईवे-बिल की वेलिडिटी एक दिन में पहले जैसे ही 100 किमी की होनी चाहिए। इन सभी मांगों पर विचार करने के लिए 30 जुलाई तक का समय सरकार को संगठन ने दिया है और उसके बाद भी कोई ठोस योजना नहीं बन पाई तो अगस्त में देशव्यापी चक्काजाम आंदोलन किया जाएगा।
-सूरत कपड़ा मंडी में ही 400 सदस्य
प्रतिदिन करोड़ों रुपए मूल्य के कपड़े को सूरत कपड़ा मंडी से देशभर की कपड़ा मंडियों में पहुंचाने वाले सूरत टैक्सटाइल गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के ही चार सौ सदस्य है और इनके सैकड़ों मालवाहक वाहन रोजाना सड़कों पर दौड़ते हैं। देश के प्रत्येक हिस्से में सूरत कपड़ा मंडी से पहुंचने वाला कपड़े पर फिलहाल कोरोना काल की वजह से कसकर ब्रेक लगा हुआ है। एसोसिएशन की मानें तो कोरोना महामारी की दूसरी लहर में देश के अन्य राज्यों की ज्यादातर मंडियों में व्यापार ठप है और ऐसी स्थिति में सूरत कपड़ा मंडी से माल लेकर निकलने वाले मालवाहक वाहनों की संख्या मात्र 40-50 ही है और सभी ट्रांसपोर्ट्र्स मंदी में महंगे डीजल से परेशान है।