पिछले कई सालों से गुजरात के इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम के प्रति विद्यार्थियों की रुचि कम होती जा रही है। प्रवेश के पहले राउंड के मुकाबले दूसरे राउंड में रिक्त सीटों की संख्या हर साल बढ़ती जा रही है। इस वजह से कॉलेज संचालक परेशान हो रहे हैं। साल 2020-21 में दूसरे राउंड के बाद दक्षिण गुजरात में 5,140 सीटें रिक्त थीं, 2021-22 में 4,787, 2022-23 में 6,366 और 2023-24 में 6,220 सीटें खाली पड़ी है। साल 2021-22 में कोरोना के कारण बोर्ड के सभी विद्यार्थियों को मास प्रमोशन दिया गया था। इस वजह से रिक्त सीटों की संख्या कम थी, लेकिन दो सालों से रिक्त सीटों की संख्या वापस छह हजार के आंकड़े को पार कर रही है।