- श्रीश्याम मन्दिर सूरतधाम में फाल्गुन मेला दो मार्च से, निशान ध्वज पदयात्रा का दौर रविवार से ही शुरू, हजारों भक्त चढ़ाएंगे कपडे एवं चांदी के निशान
सूरत. बाबा श्याम के प्रिय फाल्गुन मास के मेले की तैयारियां श्रीश्याम मंदिर सूरतधाम में शुरू हो गई है। तीन दिवसीय फाल्गुन मेला 2 मार्च से होगा। इससे पूर्व श्यामभक्तों की निशान ध्वज पदयात्रा का सिलसिला रविवार 12 फरवरी से ही शुरू हो जाएगा। आयोजक श्रीश्याम सेवा ट्रस्ट ने तीन दिवसीय फाल्गुन मेले की तैयारियां शुरू कर दी हैं।फाल्गुन मास में बाबा श्याम के खाटूधाम देशभर से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। श्रद्धा-आस्था का यह सिलसिला गत छह वर्ष से श्रीश्याम मंदिर सूरतधाम में भी शुरू हो चुका है। आयोजक श्रीश्याम सेवा ट्रस्ट ने बताया कि खाटूधाम में खाटूश्यामजी मंदिर के बाद देश में दूसरे बड़े श्रीश्याम मंदिर सूरतधाम में फाल्गुन मेले के दौरान अलग-अलग कार्यक्रम होंगे। इसमें दो व तीन मार्च को भजन संध्या होगी। चार मार्च को द्वादशी के उपलक्ष में खीर, चूरमे का भोग लगाया जाएगा। सूरतधाम में फाल्गुन मेले का माहौल 26 फ़रवरी से ही जमने लग जाएगा।
- मंदिर में होगी खास सजावट
फाल्गुन मेले के मौके पर श्रीश्याम मंदिर को दुल्हन की तरह सजाया जाएगा। बाबा श्याम का भव्य श्रृंगार होगा। इस दौरान श्याम सर्किल की भी विशेष सजावट की जाएगी। सजावट के लिए अलग-अलग राज्यों से विभिन्न किस्म के फूल मंगवाए जाएंगे और बंगाली कारीगर अद्धभुत दरबार सजाएंगे। मेले में मंदिर शिखर पर ध्वजा भी बदली जाएगी। भंडारे व भोग और छप्पनभोग प्रसाद के लिए राजस्थान से हलवाई विशेष रूप से बुलाए जाएंगे।
- 300 कार्यकर्ताओं को दी गई मेला जिम्मेदारी
तीन दिवसीय फाल्गुन मेले में कई तरह की व्यवस्था संभालने के लिए ट्रस्ट ने 300 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपने का तय किया है। इसके अलावा मेला संयोजकों की भी नियुक्ति की गई है। फाल्गुन एकादशी के मौके पर 3 मार्च को हज़ारों की संख्या में भक्त कपडे एवं चांदी के निशान बाबा को समर्पित करेंगे। इसके अलावा अनेकों संस्था, परिवार, एवं भक्तों द्वारा पैदल यात्रा निकालकर निशान चढ़ाए जाएंगे। 12 फरवरी, 19 फरवरी व 26 फरवरी को शहर के विभिन्न क्षेत्र से निशान यात्रा आएगी।
- अन्य शहरों से भी आएंगे श्रद्धालु
फाल्गुन मेला संयोजक कपीश खाटूवाला ने बताया कि श्रीश्याम बाबा के प्रति लोगों में आस्था दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। यही वजह है कि श्रीश्याम मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं में सूरत के अलावा आसपास के भी लोग शामिल होते हैं। फाल्गुन मेले में सूरतधाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं में मुंबई, वलसाड, वापी, नवसारी, सोनगढ़, अंकलेश्वर, भरुच, वड़ोदरा, अहमदाबाद के भी लोग शामिल रहेंगे। आम दिन में 4-5 हजार श्रद्धालु श्रीश्याम मंदिर सूरतधाम आते हैं, जबकि रविवार व एकादशी को यह संख्या 8-10 गुना बढ़ जाती है।