सिटीजन पर्सेप्शन सर्वे से तय होगा ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स, 31 जनवरी तक ऑनलाइन दे सकेंगे अपनी राय, अब तक 2.20 लाख लोगों ने लिया सर्वे में भाग, केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों का मंत्रालय पहले कर चुका है ऑफलाइन सर्वे
सूरत. केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने शहर को रहने लायक मानने के लिए वहां रह रहे लोगों की राय को अहम माना है। इसके लिए इन दिनों ऑनलाइन सर्वे में लोगों की राय ली जा रही है। शहरियों को 31 जनवरी तक ऑनलाइन राय दर्ज करानी होगी। अब तक सूरत के 2.20 लाख लोग सर्वे में भाग ले चुके हैं। ऑनलाइन सर्वे शुरू करने से पहले केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय की टीमें विभिन्न शहरों जाकर ऑफलाइन सर्वे का काम पूरा कर चुकी हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता में आने के बाद शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने के साथ ही विकास के विभिन्न मानकों पर शहरों का आंकलन शुरू किया था। इसके लिए विभिन्न पैरामीटर तय किए गए और तमाम दूसरे मानकों के साथ ही वहां रह रहे लोगों की राय को भी अहम जगह दी गई। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों का मंत्रालय प्रक्रिया को सहज बनाने के साथ ही ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स (ईओएलआई), म्यूनिसिपल परफॉर्मेंस इंडेक्स (एमपीआई), क्लाइमेट स्मार्ट सिटीज असेसमेंट फ्रेमवर्क (सीएससीएएफ) और डेटा मैच्योरिटी असेसमेंट फ्रेमवर्क (डीएमएएफ) समेत अन्य केटेगरी के लिए अर्बन आउटकम फ्रेमवर्क लांच कर चुका है। इन दिनों विकास के तय मानकों को सिटीजन पर्सेप्शन सर्वे के आधार पर कसा जा रहा है। लोग सर्वे में अधिक से अधिक भाग लें, इसके लिए मनपा प्रशासन जागरुकता कार्यक्रम भी चला रहा है।
14 सेक्टर में 442 इंडीकेटर
इस फ्रेमवर्क में 14 विभिन्न सेक्टरों के लिए 442 इंडिकेटर/डाटा प्वाॅइंट शामिल किए गए हैं। इसके अनुसार सूरत मनपा और सूरत स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट लिमिटेड ने निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित जानकारी के साथ सभी संकेतक/ डाटा प्वाइंट प्रस्तुत किए। इस मामले में सूरत देशभर के शीर्ष चार शहरों में शामिल है।
यह है सिस्टम
शहर में उपलब्ध सेवाओं, सुविधाओं और जीवन की गुणवत्ता के बारे में विभिन्न प्रश्नों के सेट के आधार पर सर्वे में रायशुमारी की जा रही है। मनपा प्रशासन के मुताबिक, सूरती 31 जनवरी तक ऑनलाइन सर्वे में अपनी राय दर्ज करा सकेंगे। आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय की एक एजेंसी पहले ही सूरत का दौरा कर लोगों से मिलकर उनकी राय के डेटा जुटा चुकी है।
भागीदारी पर मिलेगा प्रमाण पत्र
आवास एवं शहरी मामलों का मंत्रालय (एमओएचयूए) सिटीजन पर्सेप्शन सर्वे के तहत बेहतर प्रदर्शन करने वाले शहरों को सम्मानित करेगा। साथ ही सर्वे में प्रतिभाग करने वाले नागरिकों को मंत्रालय सर्टिफिकेट ऑफ पार्टिसिपेशन का प्रमाण पत्र भी देगा।