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स्वच्छ भारत अभियान: दानह में शौचालयों का लक्ष्य कागजों में पूरा

  करोड़ों के शौचालय बदहाली के शिकारकहीं पानी और दरवाजे नहीं, कहीं सामान रखने के गोदाम बने

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सूरत

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Sunil Mishra

May 30, 2019

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स्वच्छ भारत अभियान: दानह में शौचालयों का लक्ष्य कागजों में पूरा


सिलवासा. संघ प्रदेश दादरा नगर हवेली में स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्र्गत गत वर्ष गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले 18 हजार से अधिक परिवारों के घरों में नि:शुल्क शौचालय बनाए गए थे। प्रशासन ने शौचालय बनाने का अधिकार जिला पंचायत को दिया था। गांव-गांव में बीपीएल परिवारों का सर्वे करने के बाद शौचालय बनाए गए। चयनित लाभार्थियों के नाम और क्षेत्र का खाका तैयार हुआ, जिसमें घर-घर जाकर शौैचालयों का लक्ष्य कागजों में पूरा किया गया। निर्माण के बाद प्रति शौचालय 15 हजार रुपए के हिसाब से 27 करोड़ का भुगतान संबंधित ठेकेदारों को कर दिया गया।
गांवों में बने शौचालय की स्थिति जानने के लिए राजस्थान पत्रिका ने दो दर्जन गांवों का जायजा लिया। दुधनी ग्राम पंचायत के पर्वतीय क्षेत्र उपलामेढ़ा, खेररबाड़ी, घोड़बारी, खानवेल के तलावली और गोरातपाड़ा तथा रूदाना के फलिया और पाड़ा में घरों में शौचालय बने तो हैं, लेकिन उनका उपयोग नहीं हो रहा है। शौचालयों में कहीं पानी की व्यवस्था नहीं थी। कइयों के दरवाजे नहीं लगे हैं, तो कई जगह खार कुआं खोदे बिना शौचालय बना दिए हैं। सिंदोनी के उप सरपंच सावजी गरेल ने बताया कि शौचालय की गुणवत्ता इतनी घटिया है कि 25 प्रशित घरों में भी लोग इनका उपयोग नहीं करते हैं। अधिकांंश घरों में शौचालय घरेलू सामान, घासफूस, लकड़ी संग्रह कक्ष बन गए हैं। कई घरों में शौचालय निर्माण कार्य अधूरा है। रूदाना निवासी आशा धावजी, ताई मोर ने बताया कि गांव में पानी की भारी किल्लत है। गामीण पीने का पानी दूर-दूर से लाते हैं, ऐसी परिस्थिति में शौचालय बेकार हो गए हैं। पानी की कमी से लोग जंगलों में शौच जाते हैं, यह बात सभी गांवों में उभरकर सामने आई।

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