
The family had to wait until morning for postmortem
सूरत।सचिन के दीपली गांव निवासी दंपती की शनिवार शाम हादसे में मौत के बाद परिजनों को पोस्टमार्टम के लिए न्यू सिविल अस्पताल में रविवार सुबह तक इंतजार करना पड़ा। मूल रूप से महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले की नवापुर तहसील के पडकुली गांव और यहां सचिन जीआइडीसी दीपली गांव निवासी राजेश वसंत काथड़ (३०) और उसकी पत्नी अनीता राजेश काथड़ (२६) शनिवार शाम मोटर साइकिल पर दीपली गांव के हाइवे के पास से गुजर रहे थे। एक कार ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में राजेश और अनीता की मौत हो गई। पुलिस शव पोस्टमार्टम के लिए न्यू सिविल अस्पताल लेकर आई।
परिजनों ने पुलिस से शव अंतिम संस्कार के लिए मूल गांव ले जाने की बात कहते हुए जल्दी पोस्टमार्टम का आग्रह किया, लेकिन चिकित्सकों ने रात को पोस्टमार्टम नहीं होने की बात कहते हुए इसे टाल दिया। सुबह सात बजे ड्यूटी बदलने पर दोनों शवों के पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी हुई। ग्यारह बजे परिजनों को शव सौंपे गए। अस्पताल के आरएमओ डॉ. केतन नायक ने बताया कि उन्हें मीडिया से इस मामले की जानकारी मिली है। इसके बारे में चिकित्सकों से बातचीत कर जानकारी ली जाएगी।
अतिरिक्त खिडक़ी का बुकिंग क्लर्क जांच में पकड़ा गया
उधना स्टेशन पर दीपावली अवकाश के सीजन में यात्रियों की सुविधा के लिए शुरू की गई अतिरिक्त खिडक़ी पर नियुक्त बुकिंग क्लर्क रविवार सुबह यात्रियों से टिकट दर से अधिक रुपए लेने के आरोप में पकड़ा गया। सूरत डीसीएमआइ ने उधना-जयनगर अंत्योदय एक्सप्रेस के दौरान अतिरिक्त खिडक़ी पर कैश मिलान करवाया, जिसमें 1900 रुपए अधिक मिलने का पता चला है। दीपावली अवकाश में बाहर वाले लोगों की भीड़ स्टेशनों पर दिखाई देने लगी है। यात्रियों की संख्या बढऩे पर उधना स्टेशन पर एक अतिरिक्त खिडक़ी शुरू की गई है।
रविवार सुबह उधना-जयनगर अंत्योदय एक्सप्रेस के समय यात्रियों की भीड़ खिड़कियों पर कतार में लगी हुई थी। इसी दौरान सूरत डीसीएमआइ गणेश जादव ने अतिरिक्त काउंटर पर बैठे बुकिंग क्लर्क फिरोज खान की खिडक़ी की जांच की। इसमें नकद राशि तथा बेचे गए टिकटों की राशि में 19 सौ रुपए का अंतर था। मामले की सूचना मुम्बई रेल मंडल को दी गई।
उल्लेखनीय है कि दीपावली सीजन में यात्रियों की संख्या बढऩे पर सूरत और उधना के बुकिंग क्लर्क यात्रियों से तय टिकट राशि से दस-बीस रुपए अधिक काट लेते है।यात्रियों द्वारा इसकी शिकायत की जाती रही है, लेकिन रेलअधिकारी सिर्फ नाम के लिए एक-दो कार्रवाई कर मुम्बई रेल मंडल को रिपोर्ट भेज देते हैं। ऐसे बुकिंग क्लर्कों के खिलाफ मुम्बई रेल मंडल के वाणिज्य अधिकारियों द्वारा भी सिर्फ नाम की कार्रवाई की जाती रही है।
Published on:
29 Oct 2018 12:40 am
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