
सूरत. वित्त वर्ष 2018-19 के बजट को लेकर मनपा की सामान्य सभा सोमवार को होगी। ड्राफ्ट बजट में कर दर में वृद्धि और कांग्रेस के हंगामे के बाद भारी कटौती को देखते हुए सुबह नौ बजे से शुरू होने वाली चर्चा के हंगामी रहने के आसार है।
मनपा आयुक्त एम. थेन्नारसन के ड्राफ्ट बजट पेश करने के बाद कांग्रेस ने जिस तरह योजनाबद्ध तरीके से कर दर वृद्धि का विरोध किया और बीती छह फरवरी को स्थाई समिति की बैठक के दौरान हंगामा किया, उसे देखते हुए सोमवार से शुरू हो रही सामान्य सभा को लेकर विपक्ष के हमलावर रहने के कयास लगाए जा रहे हैं। जानकारों का मानना है कि जिस तरह से कांग्रेस के विरोध के बाद भाजपा ने कर दर में भारी कटौती की, उसने जाने-अनजाने कांग्रेस को चर्चा शुरू होने से पहले बढ़त दे दी है।
स्थाई समिति की बैठक में बढ़त गंवाने के बाद सत्ता पक्ष ने पूरी ताकत फ्लोर मैनेजमेंट पर झोंकी। यहां तक कि कौन पार्षद किस मुददे पर कब और कितना बोलेगा, यह भी तय हो गया है। संकलन में भाजपा ने अपने पार्षदों को साफ हिदायत दी है कि किसी भी तरह के हंगामे से दूर रहकर कांग्रेस पार्षदों को कोई मौका नहीं देना है। उधर, विरोध के नाम पर मर्यादा लांघने के बावजूद कांग्रेस लोगों तक यह बात पहुंचाने में सफल रही है कि ड्राफ्ट बजट में बढ़ाई गई दर में कटौती कांग्रेस के विरोध के कारण ही संभव हो पाई है।
यह है मामला
मनपा आयुक्त एम. थेन्नारसन ने 30 जनवरी को वित्त वर्ष 2018-19 के लिए 5378 करोड़ रुपए का ड्राफ्ट बजट पेश करते हुए संपत्ति कर और यूजर चार्जेज में वृद्धि का प्रस्ताव दिया था। कांग्रेस ने पहले ही दिन से इस वृद्धि का विरोध किया और आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। वराछा में हस्ताक्षर अभियान चलाया और सर्किट हाउस के समीप लोगों को गुलाब का फूल भेंट कर बजट में कर वृद्धि प्रस्ताव का गांधीगीरी से विरोध किया। बजट प्रस्ताव पर चर्चा के लिए जब ६ फरवरी को स्थाई समिति की बैठक शुरू हुई, कांग्रेस पार्षदों ने गांधीगीरी को ताक पर रखते हुए जमकर हंगामा किया और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। राजनीतिक मर्यादा ताक पर रखते हुए पार्षदों का रेला सभा खंड में पहुंच गया और वहां भी हंगामा किया। हंगामे की खबर गांधीनगर तक पहुंची तो मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने स्थाई समिति अध्यक्ष और शहर भाजपा की टीम को बुला लिया। वहां से लौटते ही ७ फरवरी को स्थाई समिति अध्यक्ष राजेश देसाई ने करों में भारी कटौती का ऐलान करते हुए बजट को समिति से पारित कर दिया।
कोशिशें दोनों तरफ से
सामान्य सभा से पहले ही मामला फिसलते देख डैमेज कंट्रोल के लिए भाजपा संगठन सक्रिय हो गया। महापौर अस्मिता शिरोया, शहर प्रमुख नितिन भजियावाला, समिति प्रमुख राजेश देसाई समेत मनपा और संगठन पदाधिकारियों ने कई दौर की बातचीत के बाद सामान्य सभा में बजट चर्चा को अपनी सहूलियत के हिसाब से दिशा देने की रणनीति तय की है। यह देखना दिलचस्प होगा कि विपक्ष कांग्रेस सत्ता पक्ष के बनाए जाल में फंसता है या फिर भाजपा के लिए यह जाल जी का जंजाल बनता है।
Published on:
18 Feb 2018 08:12 pm
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