स्टेच्यू ऑफ यूनिटी दुनियाभर के पर्यटकों की पहली पसंद बन गई है। इसमें एकता नगर में सेवा करने वाले ईमानदार कर्मचारियों की भी हिस्सेदारी है। पुलिस और बैंक मैनेजर के प्रयास से महिला के चेहरे पर मुस्कान लौटी है।
स्टेच्यू ऑफ यूनिटी दुनियाभर के पर्यटकों की पहली पसंद बन गई है। इसमें एकता नगर में सेवा करने वाले ईमानदार कर्मचारियों की भी हिस्सेदारी है। पर्यटक अक्सर पर्यटन स्थलों पर अपना कीमती सामान भूल जाते हैं। अंकलेश्वर से अपने परिवार के साथ दिवाली की छुट्टियों में आईं स्मृतिबेन शाह को पुलिस और बैंक मैनेजर की मेहनत से खोया हुआ पर्स मिला तो वह भावुक हो गईं। स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के पास पर्यटक स्मृतिबेन अपने परिवार के साथ बांध के दृश्य का आनंद ले रही थीं। फिर जल्दी से अन्य स्थल के लिए निकलते समय पर्स वहीं छोड़ गईं।
उन्होंने जंगल सफारी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को इस बारे में बताया। इस पर उन्होंने स्टेच्यू ऑफ यूनिटी एरिया डॅवलपमेंट एंड टूरिज्म रेगुलेटरी अथॉरिटी के पुलिस उपाधीक्षक रियाज सरवैया को जानकारी दी। उन्होंने अथॉरिटी के आंतरिक सूत्रों को अलर्ट किया और पर्स की तलाश की। एसआरपी हेड कांस्टेबल जगदीश कुमार खांट और कांस्टेबल कमलेश वसावा को यात्री का पर्स मिल गया।पर्स की जांच करने पर बैंक ऑफ बड़ौदा के डेबिट कार्ड पर स्मृतिबेन का नाम लिखा था।
सरवैया ने बैंक के शाखा प्रबंधक रविकुमार से संपर्क कर स्मृतिबेन की तलाश की। बैंक प्रबंधक से मिली जानकारी के अनुसार, स्मृतिबेन शाह अंकलेश्वर की रहने वाली थीं। उनसे मोबाइल पर संपर्क कर पर्स मिलने की सूचना दी। जब पर्यटक स्मृतिबेन को पर्स सौंपा तो वे काफी भावुक हो गई। उन्होंने कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।