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डीएफसी लाइन पर 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हुआ ट्रायल रन

पश्चिम डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डब्ल्यूडीएफसी) पर संजान से न्यू मकरपुरा के बीच बिछाई गई नई रेलवे लाइन का प्रधान मुख्य संरक्षा अधिकारी विकास गुप्ता के साथ अधिकारियों की टीम ने स्पीड ट्रायल किया। इंजन व इंस्पेक्शन कार के साथ 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाई गई। वहीं कुछ जगहों पर ट्रेन की गति 124 किमी प्रति घंटे को भी छूआ।
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सूरत

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Sanjeev Kumar Singh

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Updated: 6 Mar 2024, 9:47 PM IST

डीएफसी लाइन पर 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हुआ ट्रायल रन

डीएफसी लाइन पर 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हुआ ट्रायल रन

गुजरात में अहमदाबाद के पास साणद से न्यू मकरपुरा के बीच 138 किलोमीटर लाइन बिछाने का कार्य चल रहा हैं। अधिकारियों ने यह काम 31 मार्च तक पूरा होने की संभावना जताई है। पश्चिम डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर में उत्तरप्रदेश के दादरी से मुम्बई के जेएनपीटी के बीच मालगाड़ियों के लिए अलग से 1506 किमी की नई लाइन बिछाई जा रही है।

गुजरात में इसके 565 किमी रूट पर 31 मार्च तक कार्य पूरा कर मालगाड़ियों का संचालन शुरू करने की तैयारी है। डीएफसी लाइन शुरू होने का लाभ पैसेंजर मेनलाइन की ट्रेनों को भी मिलेगा। आपात स्थिति के लिए पैसेंजर मेनलाइन से डीएफसी लाइन को गुजरात में आठ कनेक्शन दिए गए है, ताकि किसी आपात स्थिति में मेल एक्सप्रेस ट्रेनों को भी डीएफसी पर डायवर्ट किया जा सके। सूरत के भेस्तान से वापी के नजदीक संजान तक डीएफसी का 108 किमी लाइन बनकर तैयार है, जबकि मकरपुरा से गोठनगाम के बीच ट्रायल जारी है। गोठनगाम से लेकर भेस्तान के बीच काम पूरा हो गया है। डब्ल्यूडीएफसी के असिस्टेंट प्रोजेक्ट मैनेजर सीएल चौधरी ने ‘राजस्थान पत्रिका’ को बताया कि साणद से न्यू मकरपुरा 138 किमी और मुम्बई के वैतरण से जेएनपीटी के बीच 109 किमी पर ट्रैक बिछाने का कार्य जारी हैं। इस कार्य को 31 मार्च तक की समय अवधि में पूरा किया जाना है।

लॉजिस्टिक्स लागत सिंगल डिजिट में लाने का लक्ष्य

केंद्र सरकार ने साल 2030 तक लॉजिस्टिक्स लागत को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के मौजूदा 13-14 प्रतिशत से घटाकर 8 से 9 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य रखा है। इसमें रेलवे का डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर अहम भूमिका निभाएगा। अभी एक ही ट्रैक पर पैसेंजर, मेल-एक्सप्रेस समेत सुपरफास्ट ट्रेनों के साथ-साथ मालगाड़ियां भी चलाई जा रही है। डीएफसी लाइन शुरू होने से मालगाड़ियों के अलग ट्रैक उपलब्ध होगा।

100 से 120 मालगाड़ियां डीएफसी से चलेगी

डीएफसी लाइन के शुरू होने से हर दिन हम 120 मालगाड़ियों को इस पर चलाएंगे। यह ट्रेनें डेढ़ किमी लंबी होंगी। इन्हें 12 हजार हॉर्स पावर के लोकोमोटिव इंजन से चलाया जाएगा। जबकि रेल ट्रैक पर चलने वाली मालगाड़ियों को 6 हजार हॉर्स पावर के लोको इंजन से चलाया जा रहा है। मेनलाइन की सभी मालगाड़ियां डीएफसी लाइन पर शिफ्ट हो जाएगी, इससे मेल एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन के लिए ज्यादा जगह मिलेगी। आगामी 31 मार्च तक डब्ल्यूडीएफसी रूट गुजरात में ऑपरेशनल हो जाएगा।

मनीष गुप्ता, चीफ जनरल मैनेजर

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