
(Ganesh chaturthi 2023) देशभर में गणेश चतुर्थी का धमाल जारी है। हर जगह भक्तों की भीड़ एकत्रित हो रही है और भक्त विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा अर्चना करते नजर आ रहे हैं।
इस वर्ष भाद्रपद माह में शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 19 सितंबर 2023 को शुरू हुआ है। उदया तिथि के अनुसार, दस दिन चलने वाला यह उत्सव 28 सितंबर गुरुवार को अनंत चतुर्दशी के दिन समाप्त होगा। गणेश पंडाल की बात की जाए तो शहर में सभी ने काफी श्रद्धा भाव से अनोखे पंडाल बना गणेश प्रतिमा स्थापित की है। सभी को कई तरह के गणेश पंडाल देखने को मिल रहे है।
आइए जानते हैं इस वर्ष कहां पर क्या है खास..??
मैसूर पैलेस की तर्ज पर बना पंडाल
सूरत में एक ख़ास तरह का गणेश पंडाल बनाया है, इस पंडाल में भगवान गणेश अपने भक्तों को कर्नाटक के मैसूर पैलेस में विराजमान नजर आ रहे हैं। भटार टैनामेंट के साईं राम युवक मंडल ने 40 से 50 लाख की लागत से मैसूर पैलेस थीम पर सजे बप्पा के दरबार को देखने भीड़ लग रही है। मंडल के प्रवक्ता कमल मेवावाला ने बताया कि 60 गुणा 150 स्क्वायर फीट के इस पंडाल को बनाने में 20 से 25 दिन लगे हैं। इस साल मुख्य प्रतिमा के साथ छोटी-छोटी 50 से अधिक प्रतिमाएं हैं।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए गणेशा
शहरवासियों में सामाजिक क्रांति लाने और युवाओं को जागरुक करने के उद्देश्य से बनाया ऐसा पंडाल। सूरत के युवा उद्यमी और ग्रीन मैन के तौर पर जाने वाले विरल देसाई लगातार छह वर्ष से ट्री गणेशा स्थापित कर रहे हैं। इस वर्ष कतरगाम स्थित उनकी मिल परिसर के एक वृक्ष के तने को गणेश का रूप देकर ट्री गणेश की स्थापना की गई। इस बार अमृतपथ की थीम पर पंडाल सजाया है। मुख्य मंच पर सेफ इंडिया, क्लीन इंडिया और ग्रीन इंडिया के संदेशों के साथ झांकी दिखाई गई है। केंद्र सरकार की ओर से पर्यावरण के लिए उठाए गए कदमों की फोटो गैलरी के जरिए विस्तृत जानकारी दी है। इसमें गंगे प्रोजेक्ट, नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम की जानकारी भी दी गई है।
पंडाल में भक्तों को एक साथ 12 ज्योतिर्लिंग, खाटू श्याम और श्रीजी के दर्शन हो रहे
इसमें 7000 स्क्वायर फीट की एलईडी स्क्रीन से बप्पा का दरबार और भोलेनाथ का मंदिर बनाया गया है। पंडाल को तैयार करने में 70 लाख रुपए की लागत आई है। समिति के प्रवक्ता अर्चित भाटिया ने बताया कि जहां बप्पा की स्थापना की गई है वहां आसपास कई एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं। इस डिजिटल दरबार को बनाने में एक माह से अधिक का समय लगा है। यह भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना है।
प्रतिदिन शाम होते ही सभी जगह भक्त परिवार के साथ बप्पा के दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं। शनिवार और रविवार की छुट्टी के दिन तो सड़कों पर जनसैलाब देखने को मिला।
Published on:
25 Sept 2023 09:45 pm

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