एक नदी ऐसी भी है जोकि पूरी तरह लाल है। इसे खून की नदी कहते हैं। खून जैसा लाल रंग देखकर हर कोई हैरत में पड़ जाता है।
अंकलेश्वर-भरूच. प्रचंड गर्मी के इस मौसम में नदियों को मात्र देख लेने से ही राहत सी मिलने लगती है। नदी में कल-कल बहता साफ-स्वच्छ पानी में नहाने की इच्छा बलवती होने लगती है। कोरोना काल में तो प्रदूषण रहित होने से नदियों का पानी साफ नीला सा दिखाई देने लगा है। पर एक नदी ऐसी भी है जोकि पूरी तरह लाल है। स्थानीय लोग इसे खून की नदी कहते हैं।
अंकलेश्वर से होकर बहने वाली अमरावती नदी इन दिनों लाल हो चुकी है। खून जैसा लाल रंग देखकर हर कोई हैरत में पड़ जाता है। नदी में लाल रंग का पानी बह रहा है। इससे लोगो में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। गौरतलब है कि इसी अमरावती नदी के पानी का इस्तेमाल स्थानीय लोग सिंचाई व पीने के लिए भी करते हैं। नदी में लाल रंग के पानी के बहने की जानकारी मिलने पर जीपीसीबी की टीम ने भी स्थल पर आकर जांच की। नदी के पानी के सेम्पल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
लोगों का आरोप है कि प्रदूषण के कारण नदी का पानी लाल हुआ है और खून की नदी बनी है। अमरावती नदी में आये दिन कंपनियों की ओर से प्रदूषित पानी छोडऩे का काम किया जाता है। जीपीसीबी प्रशासन इस पर काबू पाने में पूरी तरह से विफल साबित हो रहा है। दूषित पानी से लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। साथ ही जल जीवों की जान पर भी संकट दिख रहा है।