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SURAT NEWS : रसूखदार राजस्थानी कारोबारियों के नाम पर आंगडिया करवा कर करते थे लाखों की ठगी

  - गिरोह के फरार आरोपी को क्राइम ब्रांच ने परवत पाटिया से पकड़ा

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SURAT NEWS : रसूखदार राजस्थानी कारोबारियों के नाम पर आंगडिया करवा कर करते थे लाखों की ठगी

SURAT NEWS : रसूखदार राजस्थानी कारोबारियों के नाम पर आंगडिया करवा कर करते थे लाखों की ठगी

सूरत. रसूखदार प्रवासी राजस्थानी कारोबारियों के नाम से आंगडिया करवा कर लाखों रुपए की ठगी करने वाले गिरोह से जुड़े एक आरोपी को क्राइम ब्रांच ने परवत पाटिया इलाके से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी कुंभाराम चारण (32) राजस्थान के बालोतरा जिले के सीनली गांव का मूल निवासी है।

वह मुख्य आरोपी मोड़सिंह के साथ ठगी के इस गोरखधंधे में शामिल था। दस माह पूर्व मोड़सिंह ने एक रसूखदार बुलियन कारोबारी के नाम पर महिधरपुरा की आंगडिया पेढ़ी से 35 लाख रुपए हासिल किए थे। मोड़सिंह के कहने पर कुंभाराम ही पांच रुपए का नोट लेकर आंगडिया पेढी़ में रुपए लेने के लिए गया था। रुपए लेने के बाद उसने मोड़सिंह को दे दिए थे। इस मामले में लंबे समय से पुलिस को उसकी तलाश थी। इस बीच बुधवार को उसके परवत पाटिया क्षेत्र में होने की सूचना मिलने पर क्राइम ब्रांच ने उसे धर दबोचा।

मुंबई में भी 85 लाख की ठगी के दो मामले कबूले

कुंभाराम ने सूरत में 35 लाख रुपए की ठगी के अलावा मुंबई में भी इसी तरह की ठगी के दो और मामलों में लिप्तता कबूल की है। उसने बताया की मोड़सिंह के साथ मिल कर उसने मुंबई के एलटी मार्ग थानाक्षेत्र में एक आंगडिया पेढ़ी से 35 लाख व दूसरी आंगडि़या पेढ़ी से 50 लाख रुपए लेकर मोड़सिंह को दिए थे।

ट्रू कॉलर एप से करते थे खेल

मोड़सिंह गुजरात व महाराष्ट्र में बसे बड़े प्रवासी राजस्थानी कारोबारियों के नाम से ठगी करता था। वह यह भी पता कर लेता था कि वे किस क्षेत्र व समाज के है। फिर किसी दूसरे शहर में उन्हीं के समाज के ऐसे कारोबारियों का पता लगाता था जो सीधे उनके संपर्क में नहीं होते थे। उसके बाद नई मोबाइल सिम लेकर ट्रू कॉलर एप बड़े कारोबारी के नाम से सेव कर लेता था।

बड़े कारोबारी के नाम से वॉट्सएप कॉल कर पीडि़त कारोबारी से अर्जेन्ट आंगडिया करने के लिए कहता था। रुपए लेने के वाले रीसीवर का कोड़ भी बता देता था। अगले दिन एक या दो फीसदी कमशीन के साथ रुपए लौटाने का वादा करता था। पीडि़त कारोबारी भरोसा कर आंगडिया कर देता था। कुुंभाराम के आंगडिया पेढ़ी से रुपए हासिल करते ही मोबाइल सिम बंद कर देता था।