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फैसला : नराधम इस्माइल को कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा

- पांच माह पूर्व मित्र की दो वर्षीय पुत्री से बलात्कार कर की थी निर्मम हत्या

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फैसला : नराधम इस्माइल को कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा

फैसला : नराधम इस्माइल को कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा

सूरत. सचिन थानाक्षेत्र के कप्लेथा में पांच माह पूर्व हुए जधन्य अपराध के लिए सत्र न्यायालय ने बुधवार को नराधम इस्माइल को फांसी की सजा सुनाई है। इस्माइल ने अपने मित्र की दो वर्षीय मासूम बच्ची का अपहरण कर न सिर्फ उसे अपनी हवस का शिकार बनाया बल्कि उसकी निर्मम हत्या भी की थी। इस जधन्य अपराध से पूरे शहर में आक्रोश था।

नवसारी जिले के अलीपोर का निवासी 23 वर्षीय इस्माइल अंंजार उर्फ युसुफ मासूम बच्ची के पिता के साथ ही मजदूरी करता था। उसके घर पर आता जाता था, बच्ची उसे चाचा कहती थी। 27 फरवरी को रात करीब आठ बजे उसने बच्ची का अपहरण किया। वह उसे तालाब के निकट वीरान पड़े बंगले के परिसर में ले गया। वहां पर उसके साथ बलात्कार किया, फिर निर्ममता पूर्वक हत्या कर फरार हो गया था।

उधर बच्ची के लापता होने पर पूरे गांव में खलबली मच गई। सूचना मिलने पुलिस भी तलाश में जुट गई। रातभर तलाश के बाद पुलिस को बच्ची का शव बरामद हुआ। कुछ ही घंटों में पुलिस ने आरोपी इस्माइल को भी ढूंढ निकाला और गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने जांच में सभी तरह के साक्ष्य एकत्र कर इस्माइल के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया।

कोर्ट ने आरोपी इस्माइल को दोषी करार देते हुए सजा के लिए २ अगस्त की तारीख मुकर्रर की थी। सजा को लेकर हुई सुनवाई में सरकारी वकील नयन सुखड़वाला ने इसे रेयरेस्ट ऑफ दी रेयर केस बताते हुए फांसी की सजा की मांग की थी। सरकारी वकील की दलीलों व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया।

पीडि़त परिवार को दस लाख का मुआवजा

सत्र न्यायालय के छठे अतिरिक्त न्यायधीश शकुंतला एन. सोलंकी ने इस्माइल को हत्या, बलात्कार व पोक्सो एक्ट में दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा व एक हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अलावा नाबालिग का अपहरण कर कैद रखने के लिए आजीवन कारवास के साथ एक हजार रुपए अर्थदंड दिया है। न्यायधीर ने पीडि़त दलित परिवार को दस लाख रुपए मुआवजे के रूप में चुकाने का आदेश दिया हैं।

आरोपी के चेहरे पर नहीं थे पछतावें के भाव

सुखड़वाला ने बताया कि आरोपी के मोबाइल से 200 अश्लील वीडियो क्लीप बरामद हुई थी। उसने महिला के साथ भी जबरदस्ती करना कबूल किया था। उसने बच्ची की हत्या के तरिके भी इंटरनेट पर सर्च किए थे। उसके पेट पर काटा था, शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें पहुंचाई थी। नाभी के पास चाकू से वार किया था। उसके इस क्रूरतापूर्वक कृत्य के लिए कोर्ट में फोरेन्सिक, डीएनए समेत अन्य साक्ष्य पेश किए गए। इसके अलावा 48 गवाहों के मौखिक साक्ष्य व 70 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए गए। सुनवाई के दौरान आरोपी के चेहरे पर पछतावे के कोई भाव नहीं थे।

बलात्कार के मामलों में सात जनों को हुई फांसी

पिछले दो वर्षो के दौरान बलात्कार और पोक्सों एक्ट के तहत दोषी पाए गए सात आरोपियों को फांसी की सजा हुई हैं। वहीं 6 मामलों में आजीवन कैद व 23 मामलों में 20 वर्ष से अधिक की सजा हुई हैं।

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