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VNSGU : स्मीमेर मेडिकल कॉलेज में चल रहे कोर्स को पीजी के समकक्ष मानने की उठी मांग

सूरत. स्मीमेर मेडिकल कॉलेज SMIMER Medical College के रेडियोलॉजी विभाग में चल रहे एक सर्टिफिकेट कोर्स को लेकर विवाद शुरू हुआ है। डिग्री पश्चात दो साल कोर्स करने के बाद भी विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट मिलने पर रोजगार पाने में दिक्कत होने का वीएनएसजीयू सीनेटर ने आरोप लगाया है। इस कोर्स को पीजी समकक्ष गिनने की मांग के साथ विवि कुलपति को ज्ञापन सौंपा गया है।

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VNSGU : स्मीमेर मेडिकल कॉलेज में चल रहे कोर्स को पीजी के समकक्ष मानने की उठी मांग

VNSGU : स्मीमेर मेडिकल कॉलेज में चल रहे कोर्स को पीजी के समकक्ष मानने की उठी मांग

शिक्षा सत्र 2021 में स्मीमेर मेडिकल कॉलेज SMIMER Medical College के रेडियोलॉजी विभाग में रेडियो इमेजिंग टेक्नीशियन कोर्स शुरू किया गया था। वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय Veer Narmad South Gujarat University (वीएनएसजीयू) VNSGU ने इस कोर्स को मंजूरी दी थी। बीएससी डिग्री होल्डर को इस कोर्स के लिए योग्य तय किया गया। इस कोर्स की अवधि दो साल की तय की गई। इसके लिए कुल 1 लाख 30 हजार की फीस वसूली जाती है। दो साल कोर्स करने के बाद विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट दिया जाता है। इस वजह से विद्यार्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

- पीजी डिग्री मिलनी चाहिए :
सीनेटर भावेश रबारी का कहना है कि SMIMER Medical College के रेडियोलॉजी विभाग में रेडियो इमेजिंग टेक्नीशियन कोर्स पीजी कोर्स की ही तरह इस कोर्स में थ्योरी और प्रैक्टिकल की ट्रेनिंग दी जाती है। हर सेमेस्टर में थ्योरी व प्रैक्टिकल की परीक्षा भी ली जाती है। इसलिए इस कोर्स की पीजी समान गिनती करनी चाहिए। जिससे विद्यार्थियों रोजगार के साथ पीएचडी करने में परेशानी ना हो। लाखों रुपए खर्च कर, डिग्री के बाद दो साल की पढ़ाई के पश्चात विद्यार्थियों पीजी डिग्री ही मिलनी चाहिए। इस संदर्भ में कुलपति को ज्ञापन सौंपा गया है।
- आदिवासी छात्र को प्रवेश की अनुमति :
इन दिनों वीएनएसजीयू VNSGU संबद्ध महाविद्यालयों के यूजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है। प्रवेश का फॉर्म ऑनलाइन भरा जाता है। इसके लिए विद्यार्थी के पास से अंक तालिकाओं के साथ आधार कार्ड और बैंक डिटेल्स जमा करना अनिवार्य है। बिना इसके फॉर्म स्वीकार नहीं होता है। एक आदिवासी विद्यार्थी के पास यह जरूरी प्रमाणपत्र नहीं होने पर इसका फॉर्म स्वीकार नहीं होता था। विद्यार्थी को बीएससी में प्रवेश चाहिए था। छात्र ने वीएनएसजीयू से आवेदन किया कि उसके पास जरूरी प्रमाणपत्र नहीं है, जिसके कारण उसका फॉर्म ऑनलाइन जमा नहीं हो पा रहा है। प्रवेश देने के लिए फॉर्म स्वीकार किया जाए। मामले को एकेडमिक काउंसिल के मुख्य प्रस्ताव में शामिल किया गया। एसी ने विद्यार्थी की गुजारिश को ग्राह्य रख फॉर्म स्वीकार ने का निर्देश दिया है। यह भी सूचना दी कि यह मामला उदाहरण के रूप में कभी मान्य नहीं रखा जाए।