
VNSGU : प्रवेश के लिए विद्यार्थियों के बीच कड़ी टक्कर
सूरत.
वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के बीएससी पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों के बीच कड़ी टक्कर होने वाली है। 8 हजार से अधिक सीटों के सामने 16 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने प्रवेश के लिए सत्यापन करवाया है। मेरिट के लिए विद्यार्थियों को इंतजार करना पड़ेगा। विवि सभी आवेदनों का दोबारा निरीक्षण करेगा।
विश्वविद्यालय के बीएससी पाठ्यक्रम में हर साल विद्यार्थियों की भीड़ उमड़ती है। इस बार इसमें प्रवेश के लिए सीटों से दुगने विद्यार्थियों ने सत्यापन करवाया है। कुछ साल पहले इंजीनियङ्क्षरग में प्रवेश लेने वालों की भीड़ उमड़ती थी। अब बीएससी में प्रवेश लेने वाले अधिक हो गए हैं। इंजीनियरिंग में विद्यार्थियों की रुचि कम होने लगी है। एमबीबीएस और पैरा मेडिकल में प्रवेश नहीं मिलने पर बीएससी की ओर विद्यार्थी दौड़ते हैं। इसलिए इस पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले अधिक हो जाते हैं। मेडिकल और पैरा मेडिकल में प्रवेश नहीं मिला तो बीएससी में पहले से फॉर्म भरकर प्रवेश निश्चित करवा लेते हैं। इस बार भी यह हुआ है, दक्षिण गुजरात की सभी बीएससी कॉलेज को मिलाकर 8 हजार से अधिक सीटें हैं। इसमें प्रवेश के लिए 16 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने सत्यापन करवाया है। सत्यापन का समय शुक्रवार को पूर्ण हो गया है। अब विश्वविद्यालय मेरिट जारी करेगा। इस बार प्रवेश की प्रक्रिया नई है। विक्रेन्द्रीय प्रक्रिया से प्रवेश दिया जा रहा है। प्रवेश समिति का कहना है कि मेरिट के लिए विद्यार्थियों को इंतजार करना पड़ेगा। सभी आवेदनों की दोबारा जांच की जाएगी। इससे मेरिट बनाने में परेशानी ना हो। सभी कॉलेज का अलग अलग मेरिट बनने के कारण भी प्रवेश की मेरिट जारी करने में देर होगी।
21 हजार विद्यार्थियों ने प्रवेश के लिए सत्यापन करवा लिया
वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के कॉमर्स संकाय में प्रवेश के लिए अब तक 40 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने ऑनलाइन पंजीकरण करवाया है। 27 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने प्रवेश के लिए प्रमाणपत्र जमा करवाए हैं। इनमें से 21 हजार विद्यार्थियों ने प्रवेश के लिए सत्यापन करवा लिया है।
विश्वविद्यालय के बीकॉम, बीबीए और बीसीए पाठ्यक्रम के लिए पिछले गुरुवार से प्रवेश प्रक्रिया की शुरुआत हुई थी। प्रवेश की सारी प्रक्रिया ऑनलाइन हो रही है। दक्षिण गुजरात के सभी विद्यार्थियों को ऑनलाइन फॉर्म भरकर मनपसंद कॉलेज पर टिक लगाना है। 20 साल से चली आ रही केन्द्रीय प्रवेश प्रणाली को रद्द कर इस बार प्रवेश में विकेन्द्रीय प्रवेश प्रणाली को लागू किया गया है। अब तक प्रवेश के लिए 40 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने पंजीकरण करवाया है। इनमें से 27 हजार ने प्रमाणपत्र जमा किए हैं और 21 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने सत्यापन भी करवा दिया है। आगामी दिनों में प्रवेश के लिए सत्यापन करवाने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़ेगी। अब ऑनलाइन पंजीकरण में परेशानी नहीं हो रही है। गुरुवार को प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुई तो विश्वविद्यालय की वेबसाइट बंद हो गई थी। विद्यार्थियों ने ऑनलाइन प्रवेश के लिए पंजीकरण करने का काफी प्रयास किया, लेकिन वेबसाइट खुल नहीं रही थी। कई विद्यार्थी पास के महाविद्यालयों में पहुंच गए थे। महाविद्यालयों में प्रवेश फॉर्म भरने के लिए विद्यार्थियों की लंबी कतार लग गई थी। वेबसाइट शुरू नहीं हो पाने से हजारों विद्यार्थी परेशान होते रहे।
Published on:
15 Jun 2018 08:36 pm

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