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VNSGU : साल-दर-साल घटते-घटते आर्किटेक्चर विभाग की 30 सीटें ही रह गईं

- वीएनएसजीयू की लापरवाही भुगत रहे हैं आर्किटेक्चर के छात्र... - तीन साल में आर्किटेक्चर की एक भी सीट नहीं बढ़वा पाया विश्वविद्यालय प्रशासन

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VNSGU : साल-दर-साल घटते-घटते आर्किटेक्चर विभाग की 30 सीटें ही रह गईं

सूरत.

वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के आर्किटेक्चर विभाग में इस साल भी विद्यार्थियों को ३० सीटों पर ही प्रवेश मिलेगा। काउंसिल ऑफ आर्किटेक्चर (सीओए) की ओर से काटी गई ९० सीटों को वापस पाने में वीएनएसजीयू इस साल भी विफल रहा है। लगातार चार साल से विभाग की सीटें कम हो रही हैं। इस साल सीटें बढऩे की उम्मीद थी, लेकिन विश्वविद्यालय की झोली में मात्र 30 सीटें आ पाई हैं। विश्वविद्यालय की लापरवाही का खामियाजा दक्षिण गुजरात के विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है।
वीएनएसजीयू में संचालित गीजू छगन पटेल इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्चर की सीटें तीन साल से कम हो रही हैं। शैक्षणिक सत्र 2013-14 में विश्वविद्यालय ने 120 सीटों के साथ विभाग की शुरुआत की थी। सीओए द्वारा 2014-15 में 40 सीटें कम कर देने से 80 सीटों पर प्रवेश दिया गया। शैक्षणिक सत्र 2015-16 में 40 और सीटें काट ली गईं। उस साल 40 सीटों पर प्रवेश दिया गया था। शैक्षणिक सत्र 2016-17 में सीओए ने 10 और सीटें कम कर दीं। सीटें काटने से पहले विश्वविद्यालय प्रशासन को नोटिस भेजा गया था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने नोटिस को अनदेखा कर दिया। नतीजा यह रहा कि सीओए ने 10 सीटें और काट लीं। शैक्षणिक सत्र 2017-18 में 30 सीटों पर प्रवेश दिया गया। सीटें कट जाने पर हंगामा हुुआ तो प्रशासन ने आने वाले साल में सीटें वापस हासिल करने का आश्वासन देकर मामला शांत किया था। साथ ही, सीएओ की सभी शर्तें पूर्ण करने का वादा भी किया था, लेकिन यह वादा पूरा नहीं किया गया।

शर्तों के पालन में विफल
विश्वविद्यालय चार साल में सीएओ की शर्तों का पालन करने में विफल रहा है। शैक्षणिक सत्र 2013-14 में 120 सीटों के साथ विभाग शुरू हुआ था। तब सीओए ने प्राध्यापक और स्टूडियो की सुविधाओं की शर्त पर राज्य में सर्वाधिक सीटें वीएनएसजीयू को दी थीं। तब वीएनएसजीयू का विभाग सीटों के मामले में प्रथम स्थान पर था। चार साल से आर्किटेक्चर विभाग की हालत बिगड़ रही है। विश्वविद्यालय ने 2018-19 की प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से पहले 30 सीटों से अधिक की मंजूरी लेने का वादा किया था, जो पूरा नहीं हो पाया। इस साल भी वीएनएसजीयू को मात्र 30 सीटों पर ही संतोष करना होगा।

राज्यभर में 1660 सीटें
एडमिशन कमेटी फॉर प्रोफेशन कोर्सेज (एसीपीसी) ने वेबसाइट पर राज्य के सभी आर्किटेक्चर संस्थानों के नाम जारी किए हंै। नाम के साथ सीटों की संख्या और फीस की जानकारी है। राज्य में आर्किटेक्चर के 31 संस्थान हैं। राज्यभर में आर्किटेक्चर की 1660 सीटें हैं। इस सूची में वीएनएसजीयू के आर्किटेक्चर संस्थान का स्थान 9वां है। वीएनएसजीयू में सीटों की संख्या मात्र 30 है। इसका मतलब इस साल भी मात्र 30 सीटों पर प्रवेश मिलेगा।

वड़ोदरा के संस्थान की फीस सबसे कम
राज्य में 31 आर्किटेक्चर संस्थानों में से 30 स्वनिर्भर हैं। मात्र वड़ोदरा एम.एस.यूनिवर्सिटी का आर्किटेक्चर संस्थान अनुदानित है। इसमें 40 सीटें हैं और फीस मात्र 1500 रुपए है। छात्राओं के लिए पढ़ाई नि:शुल्क है, जबकि अन्य संस्थानों की फीस 50 हजार से 1.25 लाख रुपए तक है। वीएनएसजीयू में आर्किटेक्चर की प्रति सीट फीस 53 हजार रुपए है। वीएनएसजीयू संबद्ध अठवा लाइंस के स्केट कॉलेज की फीस 1.23 लाख रुपए है। इसमें आर्किटेक्चर की 80 सीटें हैं। वेसू के विद्यामंदिर कॉलेज की फीस 71 हजार रुपए है। इसमें 40 सीटें हैं। वेसू के जीटीयू संबद्ध महावीर स्वामी कॉलेज में 40 सीटें हैं और फीस 65 हजार रुपए है। पी.पी.सवाणी यूनिवर्सिटी में भी 40 सीटें हैं और फीस 85 हजार रुपए है।

फैसले का इंतजार
काउंसिल ऑफ आर्किटेक्चर को सीटें बढ़ाने के लिए आवेदन किया गया है। विभाग में काउंसिल की जांच टीम ने निरीक्षण कर रिपोर्ट भी सौंप दी है। काउंसिल के फैसले का इंतजार है। उम्मीद है, सीटें बढ़ेंगी। प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है, इसलिए पहले जो सीटें मंजूर थीं, उन्हीं को एसीपीसी ने सूची में शामिल किया है।
श्रीराव चट्टपन्न, एसोसिएट प्रोफेसर, आर्किटेक्चर विभाग, वीएनएसजीयू

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