9 अप्रैल 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

VNSGU : वीएनएसजीयू ने सरिता गायकवाड़ का किया सम्मान

सरिता गायकवाड़ को ब्रांड एम्बेसेडर बनाया

2 min read
Google source verification
surat

VNSGU : वीएनएसजीयू ने सरिता गायकवाड़ का किया सम्मान

सूरत.

एशियन गेम्स में भारत को गोल्ड दिलाने वाली सरिता गायकवाड़ का मंगलवार को वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय में सम्मान किया गया। उसे दो लाख रुपए का पुरस्कार प्रदान करने के साथ वीएनएसजीयू का ब्रांड एम्बेसेडर बनाया गया।
एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने पर वीएनएसजीयू के कुलपति ने सरिता को विश्वविद्यालय का ब्रांड एम्बेसेडर बनाने के साथ दो लाख रुपए का पुरस्कार देने की घोषणा की थी। सरिता वीएनएसजीयू की पूर्व छात्रा है। उसके सम्मान में मंगलवार को कन्वेंशन हॉल में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कुलपति ने सरिता को ट्रॉफी और दो लाख रुपए का पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

एशियन जिम्नास्टिक के पदक विजेताओं का भव्य स्वागत
मंगोलिया के उलान बाटोर में हुए एशियन जिम्नास्टिक टूर्नामेंट में देश को एक स्वर्ण और दो रजत पदक दिलवाने वाले सूरत के खिलाडिय़ों का मंगलवार सुबह एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया गया। स्वागत समारोह में महापौर जगदीश पटेल और गुजरात जिम्नास्टिक एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद थे। एसोसिएशन के रणजीत वसावा ने बताया कि भाव्यांशु गामित और प्रकृति शिंदे ने अंडर १७ मिक्स एरोबिक में स्वर्ण पदक हासिल किया। अंडर १४ मिक्स में हर्षिल पटेल और निशांत चौधरी तथा ट्रायो में हर्षिल पटेल, विश्वा पटेल और शुभम राणा ने रजत पदक हासिल किए। एशियन जिम्नास्टिक टूर्नामेंट में आठ देशों की टीमों ने हिस्सा लिया था। इससे पहले चेन्नई में क्वालीफाई प्रतियोगिता हुई थी। इसमें सूरत के सात खिलाडिय़ों ने हिस्सा लिया था। सूरत के खिलाडिय़ों के बेहतरीन प्रदर्शन की खबर मिलने पर मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में खेलप्रेमी एयरपोर्ट पहुंचे। देश और दुनिया में सूरत का नाम रोशन करने वाले इन खिलाडिय़ों को कंधों पर उठा लिया गया। उन्हें ओपन जीप में एयरपोर्ट से लाया गया।
सूरतीयों को समर्पित की जीत
राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में लगातार चार साल चैम्पियन रहे भाव्यांशु ने बताया कि वह आठ साल से जिम्नास्टिक कर रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर वह तीन रजत और तीन कांस्य जीत चुका है। उसने बताया कि उसकी इस सफलता में उसके कोच, अभिभावकों और सभी सूरतीयों का योगदान है, जो किसी न किसी रूप में उसके सहायक रहे। उसने बताया कि एशिया कप के बाद अब हमारा लक्ष्य विश्व स्तर पर भारत का नाम ऊंचा करना है।