
VNSGU : प्रवेश प्रक्रिया के पहले ही दिन परेशान हुए विद्यार्थी
सूरत.
वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के बीकॉम पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया के पहले ही दिन विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। विश्वविद्यालय की वेबसाइट बंद रहने के कारण हजारों विद्यार्थी ऑनलाइन फॉर्म नहीं भर पाए।
विश्वविद्यालय के बीकॉम, बीबीए और बीसीए पाठ्यक्रम के लिए गुरुवार से प्रवेश प्रक्रिया की शुरुआत हुई। प्रवेश की सारी प्रक्रिया ऑनलाइन है। दक्षिण गुजरात के सभी विद्यार्थियों को ऑनलाइन फॉर्म भरना है और मनपसंद कॉलेज पर टिक लगाना है। गुरुवार को जैसे ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुई, विश्वविद्यालय की वेबसाइट बंद हो गई। विद्यार्थियों ने ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया समझने का काफी प्रयास किया, लेकिन वेबसाइट खुल नहीं रही थी। कई विद्यार्थी पास के महाविद्यालयों में पहुंच गए। महाविद्यालयों में प्रवेश फॉर्म भरने के लिए विद्यार्थियों की लंबी कतार लग गई। वेबसाइट शुरू नहीं हो पाने के कारण हजारों विद्यार्थी पहले दिन प्रवेश फॉर्म नहीं भर पाए।
30 हजार से अधिक ने करवाया पंजीकरण
प्रवेश प्रक्रिया के पहले दिन बीकॉम, बीबीए और बीसीए के लिए 11 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने पंजीकरण करवाया। दूसरी ओर बीएससी में प्रवेश के लिए अब तक 21 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने पंजीकरण करवाया है। साथ ही 15 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने प्रमाणपत्रों का सत्यापन करवाया है।
विकेंद्रीकृत प्रवेश प्रक्रिया लागू
विश्वविद्यालय में हुई सिंडीकेट की बैठक में वीएनएसजीयू के पीजी और यूजी पाठ्यक्रम में प्रवेश की प्रक्रिया को लेकर प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। वीएनएसजीयू की केन्द्रीय प्रवेश प्रक्रिया को समाप्त कर विकेंद्रीकृत प्रवेश प्रक्रिया लागू करने का प्रस्ताव सिंडीकेट सदस्यों के समक्ष रखा गया। सिंडीकेट ने प्रस्ताव पास कर दिया। अब वीएनएसजीयू के सभी पाठ्यक्रमों में नई प्रणाली से प्रवेश दिया जाएगा। केन्द्रीय प्रवेश प्रणाली में शहर के महाविद्यालयों को शामिल किया जाता था। ग्राम्य विस्तार के महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को अलग-अलग प्रवेश फॉर्म भरने पड़ते था। नई प्रणाली में अब सभी विद्यार्थियों को ऑनलाइन एक ही फॉर्म भरना होगा। इस प्रणाली में शहर के साथ दक्षिण गुजरात के सभी महाविद्यालयों का समावेश होगा।
पसंद करना होगा महाविद्यालय
नई प्रणाली में विद्यार्थी को ऑनलाइन फॉर्म भरकर महाविद्यालय पसंद करना होगा। विद्यार्थी कितने महाविद्यालय पसंद कर सकेगा, यह तय करना बाकी है। विद्यार्थी जिन महाविद्यालयों को पसंद करेगा, उनकी अलग से मेरिट बनेगी। पहले सभी महाविद्यालयों की मेरिट एक साथ बनती थी।
Published on:
08 Jun 2018 07:44 pm
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