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सूरत. कोजवे पर तापी नदी का जलस्तर घटकर पांच मीटर से नीचे जाने के कारण शहर में होने वाली जलापूर्ति पर इसका असर देखने को मिल रहा है। शहर के कई इलाकों से दूषित पानी मिलने की शिकायतें मिलने के बाद हाइड्रोलिक विभाग की नींद टूटी और उकाई बांध प्रशासन को पत्र लिखकर पानी छोड़ने की मांग की गई। बांध से 1500 क्यूसेक पानी छोड़कर नदी के जलस्तर को पांच मीटर से ऊपर ले जाने का प्रयास किया जा रहा है।
शहर में बीते एक सप्ताह से अलग-अलग क्षेत्रों से दूषित पानी मिलने की शिकायतें मिल रही हैं। खास तौर पर अश्विनी कुमार रोड, वराछा, कतारगाम, पुणागाम, मोटा वराछा, लिंबायत क्षेत्र से दुर्गंधयुक्त और हरे रंग के पानी की शिकायतें हैं। हाइड्रोलिक विभाग ने जांच की तो पता चला कि पानी में जलकुंभी और अन्य वनस्पति मिश्रित होने से यह समस्या हो रही है। शहर में पानी संचय के लिए मनपा ने कोजवे बनाया है। यहां संग्रहीत पानी से शहर में जलापूर्ति की जाती है। कोजवे पर तापी नदी का जलस्तर पांच मीटर से नीचे चले जाने से दूषित पानी की समस्या बनी है।उकाई बांध में पर्याप्त पानी है और जब भी जलापूर्ति के लिए जरूरत पड़ती है, बांध से नदी में पानी छोड़ा जाता है। मनपा के हाइड्रोलिक विभाग ने उकाई बांध को पत्र लिखकर पानी छोड़ने की मांग की थी। बांध प्रशासन ने 1500 क्यूसेक पानी छोड़ना शुरू किया है। पानी छोड़े जाने से अब कोजवे का जलस्तर बढ़ रहा है। शुक्रवार शाम कोजवे का जलस्तर बढ़कर 5.25 मीटर पर पहुंचा है और शनिवार तक इसे 5.40 मीटर तक ले जाया जाएगा।
Published on:
07 Apr 2023 08:43 pm
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