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लग्नसरा के बाद भी खरीदी गायब, चिंतित व्यापारी

जीएसटी के कारण व्यापार पचास प्रतिशत घट गया था. ई-वे बिल के कारण पूरा चौपट हो गया

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सूरत
लग्नसरा के बाद भी तैयार कपड़ो की खरीदी अपेक्षा से कमजोर रहने के कारण व्यापारी निराश हैं। ई-वे बिल की समस्या के कारण यूपी, बिहार के राज्यों में साड़ी और ड्रेस की बिक्री पर असर पड़ा है। व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी के कारण व्यापार पचास प्रतिशत घट गया था. ई-वे बिल के कारण पूरा चौपट हो गया है। लग्नसरा की खरीद भी अपेक्षा से कमजोर रही है। इस कारण ग्रे और यार्न बाजार में भी परिस्थिति नरम है।

यार्न बाजार में खरीद सामान्य, दाम यथावत
सूरत. यार्न बाजार में बीते सप्ताह कारोबार सामान्य रहा। वीवर्स आवश्यकतानुसार खरीद कर रहे हैं। यार्न उत्पादकों ने परिस्थिति को देखते हुए पॉलिएस्टर यार्न के दाम स्थिर रखे, जबकि नायलॉन यार्न के दाम दो से तीन रुपए दाम बढ़ा दिए।
यार्न बाजार के सूत्रों के अनुसार पिछले सप्ताह ग्रे बाजार में कामकाज सामान्य होने के कारण नायलॉन, पॉलिएस्टर सहित तमाम यार्न क्वॉलिटी में व्यापार मध्यम रहा। वीवर्स लग्नसरा के दिनों में जैसी खरीद की अपेक्षा कर रहे थे, वैसी नहीं होने के कारण वह आवश्यकतानुसार खरीद कर रहे हैं। व्यवसायी आगामी दिनों में अच्छी खरीद की उम्मीद व्यक्त कर रहे हैं। यार्न व्यवसायी रूपेश झवेरी और बकुल पंड्या ने बताया कि बीते सप्ताह नायलॉन यार्न के दाम तीन रुपए तक बढ़े, जबकि पॉलिएस्टर के दाम स्थिर रहे। पहले मंदी के कारण यार्न बाजार ठंडा था, लेकिन दो सप्ताह से बाजार ठीक है। आगामी दिनों में अच्छी खरीद की उम्मीद है।

ग्रे के दाम भी स्थिर
ग्रे बाजार में पिछले सप्ताह कामकाज सामान्य रहा। वीवर्स ने तमाम क्वॉलिटी में दाम यथावत रखे। ग्रे बाजार के सूत्रों के अनुसार पिछले सप्ताह साड़ी और ड्रेस सेगमेंट में व्यापार मध्यम रहा। व्यापारियों को अच्छे व्यापार की उम्मीद थी, लेकिन ई-वे बिल की समस्या के कारण व्यापार प्रभावित रहा। वीवर्स ने बाजार की परिस्थिति को देखते हुए तमाम क्वॉलिटी में दाम स्थिर रखे। कपड़ा व्यवसायी रमेश शर्मा और सज्जन महर्षि ने बताया कि मार्बल आइटम में डिमांड से दाम में बढ़ोतरी हुई है। अन्य क्वॉलिटी में दाम स्थिर रहे। भिवंडी ग्रे बाजार में भी कामकाज सामान्य रहा। कॉटन आइटम में डिमांड कम होने के कारण दाम में सामान्य कमी आई, जबकि माइक्रो और 96- 64 के दाम स्थिर रहे।