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यार्न के दाम डेढ़ माह में पचास रुपए तक बढ़े

लूम्स संचालकों की हालत लगातार पतली होती जा रही

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यार्न के दाम डेढ़ माह में पचास रुपए तक बढ़े

सूरत

अभी तक जीएसटी की बढ़ती कीमत के कारण परेशान वीवर्स को अब यार्न की बढ़ती कीमतों ने परेशान कर दिया है। एक महीने में यार्न की कीमत में पचास रुपए तक का इजाफा हुआ है, जबकि व्यापारी ज्यादा कीमत पर ग्रे लेने को तैयार नहीं हैं। इतना ही नहीं वीवर्स को अब से यार्न खरीदने के लिए कोरा चेक देना पड़ेगा। इन परिस्थितियों के कारण लूम्स संचालकों की हालत लगातार पतली होती जा रही है।
वीवर्स का कहना है कि डॉलर की कीमत और क्रूड ऑयल की कीमत बढऩे का कारण बताकर यार्न उत्पादक मनमर्जी कर रहे हैं। आगामी दिनों में तैयार कपड़ों में खरीद की संभावना होने के कारण वह धड़ल्ले से दाम बढ़ाए जा रहे हैं। पिछले डेढ़ महीने में ही एयरटेक्स यार्न में करीब 40 रुपए, नायलोन यार्न में करीब 50 रुपए, केटोनिक यार्न में 50 रुपए, क्रिम्प में 20 रुपए, एफडीवाय में 40 रुपए और पीओवाय में करीब 40 रुपए का इजाफा हुआ है। एक ओर यार्न की कीमत धड़ल्ले से बढ़ रही है, लेकिन बाजार में अपेक्षा से कम मांग होने के कारण ग्रे की कीमत नहीं बढ़ी है। इससे वीवर्स निराश हैं। उन्हें कम लाभ पर भी व्यापार करना पड़ रहा है। वीवर्स का आरोप है कि यार्न उत्पादक एक जुट होकर मनमर्जी कर रहे हैं। यार्न की कीमत मनमाने ढंग से बढ़ाते जा रहें हैं। इस बारे में वीवर्स ने एन्टी प्रोफिटिंग कमेटी में शिकायत की, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। वीवर्स इन परिस्थितियों के कारण पहले से ही परेशान हैं। ऐसे में दो दिन पहले ही साउथ गुजरात यार्न डीलर्स एसोसिएशन के नए फैसले ने वीवर्स की हालत और पतली कर दी है। नए नियमों के अनुसार वीवर्स को माल लेने के पहले कोरा चैक देना होगा। व्यापारियों की ओर से पेमेन्ट समय पर नहीं मिल रहा और वीवर्स को एडवांस पेमेन्ट करना होगा। वीवर्स के लिए नई समस्या खड़ी हो गई है।