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क्रिप्टो करेंसी के निवेश व घोटालों में युवा और गुजरात अव्वल

- डिजिटल कमाई के विकल्प बढ़े तो साइबर अपराध भी बेलगाम... - सूरत, अहमदाबाद और मुंबई जैसे शहरों के अलावा गांवों में भी बिटकॉइन आदि में रुपए लगाने का ट्रेंड बड़ा  

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सूरत

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Pradeep Joshi

Dec 23, 2021

क्रिप्टो करेंसी के निवेश व घोटालों में युवा और गुजरात अव्वल

क्रिप्टो करेंसी के निवेश व घोटालों में युवा और गुजरात अव्वल

प्रदीप जोशी.

सूरत. निवेश और शेयर बाजार में रिस्क लेने के मामले में गुजराती दुनिया में अव्वल हैं। क्रिप्टो करेंसी (बिटकॉइन आदि वर्चुअल करेंसी) में भी गुजरात के युवा जमकर हाथ आजमा रहे हैं। इसमें सूरत और खासकर यहां का डायमंड कारोबारियों का इलाका वराछा करोड़ों रुपया लगाने में अव्वल है। जल्द अमीर बनने के लिए युवाओं की संख्या सबसे अधिक है।

जिस तेजी के साथ क्रिप्टो करेंसी में रुपया लग रहा हैं, उतनी ही तेजी के साथ पिछले दिनों इसको लेकर साइबर अपराध भी बढ़े हैं। पिछले दो-तीन वर्षों में सूरत, अहमदाबाद और मुंबई जैसे शहरों से क्रिप्टो करेंसी में तेजी से अरबों रुपया लगाया गया। उतनी ही तेजी से क्रिप्टो करेंसी को लेकर करोड़ों की धोखाधड़ी और साइबर अपराध में भी अनाप-शनाप वृद्धि हुई।

गुजरात में नोटबंदी के बाद से तेजी :

नोटबंदी के दौरान खासकर सूरत के बिल्डर्स और व्यापारियों ने अपने ब्लैकमनी को ठिकाने लगाने के लिए बिटकॉइन में अपना निवेश किया। नोटबंदी के बाद से ही गुजरात में बिटकॉइन खूब रुपया लगाया गया।

कोरोना काल में विकल्प मिला :

कोरोना के पिछले 2 वर्षों में नौकरी और बिजनेस को लेकर चिंतित युवाओं को फाइनेंशियल मार्केट में घुसने के लिए एंट्री पॉइंट्स मिल गया। उन्हें घर बैठे कमाने के लिए ब्रोकरेज और शेयर मार्केट का विकल्प मिल गया। जिसमें परिवार से धंधे के लिए लगाने को मिली पूंजी का इस्तेमाल इसमें कर लिया।

गांव के युवा भी डिजिटल करेंसी के चक्कर में :

इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के संघटक ब्लॉकचैन और क्रिप्टो एस्टेट्स काउंसिल के मुताबिक, क्रिप्टो में निवेश करने वालों में न सिर्फ बड़े अनुभवी निवेशक, बल्कि छोटे शहरों के युवा भी शामिल हैं। अब यह डिजिटल विकल्प गांव के युवा भी अपना रहे हैं। वे छोटा-छोटा मुनाफा ले रहे हैं। महज 5-10 हजार रुपये लगाकर 10 -20 हजार कीमत बढ़ जाते ही रुपया निकाल लेते हैं। इन युवाओं ने करीब छह लाख करोड़ से अधिक रुपये तक क्रिप्टोकरेंसी में लगाए हैं।

बन रहा है मनी लॉड्रिंग का जरिया :

क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल अपराधिक गतिविधियों में भी होने लगा है। माफिया व सफेदपोश काम के बदले किसी देश की करेंसी, शेयर्स या प्रॉपर्टी का इस्तेमाल करते हैं। खासकर गुजरात में मुंबई में ऐसे कई मामले सामने आए हैं।

गुजरात में ये बड़े मामले :

- जुलाई 2021हमें अहमदाबाद में क्रिप्टो करेंसी में इन्वेस्टमेंट करने पर मुनाफे का झांसा देकर ग्रुप व एप्पलीकेशन से जोड़कर 47 लाख की चपत लगाने का मामला साइबर क्राइम में दर्ज हुआ।
- अगस्त 2019 में गुजरात में हुए करोड़ो के बिटकॉइन घोटाले के तार दुबई से जुड़े मिले। इसमें मास्टर माइंड के रूप में शैलेश भट्ट का नाम आया था। जिसमें एक महिला ने मीडिया के सामने आकर चौंकाने वाले दावे किए थे।
- गत नवम्बर को ही अहमदाबाद पुलिस ने बड़ा खुलासा किया था कि अमेरिका से गुजरात ड्रग्स पहुंचाई जाती थी, जिसमें आरोपी ड्रग्स के कीमत चुकाने के लिए क्रिप्टो करेंसी का इस्तेमाल करते थे।
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भारत में क्रिप्टो करेंसी का बाजार :

एशिया की तीसरी सबसे अर्थव्यवस्था भारत में कम से 1.5 करोड़ से लेकर 2 करोड़ क्रिप्टो के एक्टिव निवेशक हैं। पिछले 1 वर्ष में क्रिप्टो करेंसी का बाजार 600 फ़ीसदी से अधिक बड़ा है। जो दुनियाभर में सर्वाधिक है। ट्रेडिंग वॉल्यूम भी 18 गुना बढ़ा है।

- फैक्ट फाइल : क्रिप्टो करेंसी में अपराध :-
- 58,000 करोड़ रुपए से ज्यादा ठगे गए
निवेशकों से साल 2021 में।
- 2052 थी ठगी के मामलों की संख्या वर्ष 2020 में।
- 3300 के पार हो गई कारोबार में वित्तीय घोटालों की संख्या वर्ष 2021 में अब तक।
- 50 फीसदी से ज्यादा रफ्तार है क्रिप्टो करेंसी में बढ़ रही सायबर धोखाधड़ी व अपराध की।
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