युवती के चिल्लाने की आवाज सुनकर पड़ोस का दिलसाय पिता बोधराम 18 वर्ष तथा सरजू पिता देवशरण 20 वर्ष उसे निहत्थे ही बचाने पहुंचे। इसके बाद तीनों भालुओं ने उन पर हमला कर दिया। भालुओं ने युवकों के सिर, पीठ सहित शरीर के अन्य अंगों को नोंचकर गंभीर रूप से घायल कर दिया।