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पुरानी रंजिश व Loot के पैसे में हिस्सा मांगने पर की रिक्शा चालक की हत्या, 2 गिरफ्तार

रिक्शा चलाने वाले मृतक के 2 साथियों ने ही दिया था वारदात को अंजाम, पोस्ट ऑफिस के सामने पत्थर से सिर कुचलकर की थी हत्या
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Pranayraj rana

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Updated: 17 Jan 2017, 5:56 PM IST

murder accuse arrested

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अंबिकापुर.
मुख्य डाकघर के सामने स्थित एक दुकान के चबूतरे पर रिक्शा चालक की पत्थर से कुचलकर हत्या करने वाले 2 आरोपियों को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी भी रिक्शा चलाते थे। एक आरोपी का मृतक के साथ पुरानी रंजिश थी जबकि दूसरे ने कुछ दिन पूर्व एक प्यून से 5 हजार रुपए लूटे थे।


इसका पता चलने पर मृतक भी हिस्सा मांग रहा था। इसी रंजिशवश 16 जनवरी की रात दोनों ने मिलकर सोने के दौरान पत्थर से उसका सिर कुचलकर हत्या कर दी थी। वारदात के दौरान दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरे में आरोपियों की तस्वीर भी कैद हो गई थी। पुलिस ने मंगलवार को दोनों को जेल भेज दिया।


जयनगर के ग्राम लटोरी निवासी रिक्शा चालक भगत सिंह उर्फ छोटू सिंह 35 वर्ष की पत्थर से कुचलकर हत्या करने के मामले की गुत्थी पुलिस ने 24 घंटे के भीतर ही सुलझा ली। पुलिस ने हत्या के आरोप में मृतक के 2 साथियों झारखंड के रंका से लगे ग्राम बिश्रामपुर निवासी मुन्ना कुजूर व बलंगी निवासी दीपक यादव को ही गिरफ्तार किया है।


दोनों भी रिक्शा चलाते थे। इस संबंध में एडिशनल एसपी आरके साहू ने बताया कि आरोपी मुन्ना कुजूर की मृतक से पुरानी रंजिश थी जबकि 15 दिन पूर्व जिला अस्पताल के पास दूसरे आरोपी दीपक से उसका रुपयों को लेकर विवाद हुआ था। इसी रंजिशवश दोनों ने मिलकर 16 जनवरी की रात शराब के नशे में वारदात को अंजाम दिया।


इस दौरान दोनों ने अपना चेहरा गमछे से ढका हुआ था। आरोपियों की तस्वीर घटनास्थल के आस-पास स्थित दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। इसी आधार पर पुलिस ने दोनों से कड़ाई से पूछताछ की तो उन्होंने हत्या करना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने दोनों को मंगलवार को धारा 302 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।


कार्रवाई में प्रशिक्षु डीएसपी व कोतवाली प्रभारी मणिशंकर चंद्रा, एसआई नरेश साहू, एएसआई अजीत मिश्रा, समरेंद्र सिंह, आरक्षक नितिन, विरेंद्र बंजारे, मुकेश पांडेय व अरविंद उपाध्याय सक्रिय रहे।


ऐसे दिया वारदात को अंजाम

पुलिस ने बताया कि घटना दिवस की रात तीनों ने भाथूपारा में जमकर शराब पी थी। इसके बाद मृतक भगत सिंह घटनास्थल पर सोने आ गया था। इसके बाद दोनों आरोपियों ने फिर जाकर शराब का सेवन किया और हत्या की नीयत से उसे खोजने निकले। उसे खोजते हुए दोनों प्रतीक्षा बस स्टैंड पहुंचे लेकिन वह वहां नहीं मिला।


इसके बाद खोजते-खोजते दोनों 12-1 बजे के बीच मुख्य डाकघर के सामने पहुंचे। यहां उन्होंने उसे चबूतरे पर सोया देखा। फिर आरोपी दीपक यादव ने मुन्ना कुजूर को पत्थर उठाकर उसका सिर कुचलने कहा। इस पर मुन्ना ने पत्थर उसके सिर पर दे मारा। इससे उसकी तत्काल मौत हो गई थी।


दोनों की मृतक से थी रंजिश

आरोपी मुन्ना कुजूर की मृतक से पुरानी रंजिश थी। 5 वर्ष पूर्व दोनों बैंगलोर कमाने गए थे। यहां मृतक के 18 हजार रुपए चोरी हो गए थे। रुपए चोरी करने का आरोप मृतक ने मुन्ना पर लगाया था और उसकी पिटाई भी की थी। वहीं कुछ दिन पूर्व कलक्टोरेट में पदस्थ एक प्यून को शराब पिलाकर दूसरे आरोपी दीपक यादव ने उसके 5 हजार रुपए लूटे थे।


इसका पता मृतक को भी चल गया था। वह लूट की रकम में अपना भी हिस्सा मांग रहा था। इसे लेकर 15 दिन पूर्व जिला अस्पताल के पास दोनों के बीच विवाद भी हुआ था।


ये था मामला

रिक्शा चालक भगत सिंह उर्फ छोटू सिंह 35 वर्ष अंबिकापुर में रिक्शा चलाता था। उसका शव 17 जनवरी की सुबह मुख्य डाकघर के सामने अंकुर इंटरप्राइजेस के चबूतरे पर सिर कुचला शव मिला था। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच की। इसमें सीसीटीवी फुटेज में आई तस्वीर के आधार पर दोनों आरोपियों को धरदबोचा।