
Chaitra Maas 2026 : चैत्र मास 2026 की शुरुआत 4 मार्च से हो रही है। (फोटो सोर्स: Gemini AI)
Chaitra Maas 2026 Pooja Vidhi: हिंदू कैलेंडर के अनुसार साल का पहला महीना यानी चैत्र मास शुरू हो चुका है। यह सिर्फ एक महीना नहीं, बल्कि नई ऊर्जा, नई शुरुआत और भक्ति का संगम है। 4 मार्च 2026 से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलने वाले इस पवित्र (Chaitra Maas 2026) महीने में प्रकृति भी अपना चोला बदलती है और अध्यात्म भी अपने चरम पर होता है।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस महीने में की गई एक छोटी सी गलती आपकी पूरी मेहनत पर पानी फेर सकती है? एस्ट्रोलॉजर शरद शर्मा से जानते हैं इस महीने का महत्व, पूजा विधि और सेहत से जुड़े वो राज जो आपको पूरे साल फिट और खुशहाल रखेंगे।
चैत्र का महीना देवताओं की आराधना (Chaitra Month Worship) के लिए सबसे श्रेष्ठ माना गया है। इस दौरान इन चार शक्तियों की पूजा विशेष फलदायी होती है:
चैत्र नवरात्रि इसी महीने आती है। मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा न केवल मानसिक शांति देती है, बल्कि जीवन के समस्त भय और बाधाओं का नाश करती है।
चैत्र शुक्ल नवमी को भगवान राम का जन्मोत्सव राम नवमी (Ram Navami 2026) के रूप में मनाया जाता है। इस महीने रामायण का पाठ करना या राम रक्षा स्तोत्र पढ़ना घर में सुख-शांति लाता है।
इसी महीने की पूर्णिमा को हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti 2026) मनाई जाती है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ आपको ग्रहों के दोष से मुक्ति दिलाता है।
चूंकि इस महीने से गर्मी बढ़ने लगती है, इसलिए सूर्य देव को अर्घ्य देना आरोग्य (अच्छी सेहत) और समाज में मान-सम्मान दिलाता है।
चैत्र का महीना केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी बहुत महत्वपूर्ण है। इस समय ऋतु परिवर्तन (Spring to Summer) होता है, जिसके लिए आयुर्वेद में खास निर्देश दिए गए हैं:
नीम का सेवन: परंपरा है कि चैत्र में नीम की कोमल पत्तियों का सेवन करना चाहिए। यह प्राकृतिक एंटी-बायोटिक का काम करती हैं और साल भर होने वाली चर्म रोगों और खून की बीमारियों से बचाती हैं।
शीतला माता की पूजा: इस महीने शीतला अष्टमी (बसौड़ा) मनाई जाती है। यह पूजा हमें सिखाती है कि बदलते मौसम में संक्रमण (जैसे चेचक या खसरा) से बचने के लिए स्वच्छता कितनी जरूरी है।
जल का दान : गर्मी की शुरुआत होने के कारण इस महीने प्याऊ लगवाना या पक्षियों के लिए पानी रखना महादान माना गया है।
भारी भोजन से तौबा: इस महीने शरीर की जठराग्नि (पाचन शक्ति) थोड़ी सुस्त हो जाती है। इसलिए गरिष्ठ, ज्यादा तेल-मसाले वाला या बहुत मीठा भोजन करने से बचें। मूंग की दाल और दलिया जैसा हल्का भोजन ही अपनाएं।
तामसिक भोजन का त्याग: मांस, मदिरा और प्याज-लहसुन जैसे तामसिक आहार से दूर रहें। यह न केवल आपकी पूजा को भंग करता है, बल्कि बढ़ती गर्मी में आपके स्वभाव को चिड़चिड़ा और शरीर को सुस्त बना सकता है।
देर तक सोना: चैत्र में सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना शुभ माना जाता है। देर तक सोना आपके सौभाग्य को कम कर सकता है।
अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।
Published on:
05 Mar 2026 02:42 pm
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