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Garuda Purana: अगर मृत्यु के वक्त हों ये 4 चीजें, तो नरक की पीड़ा से मिल सकती है मुक्ति

Garuda Purana: गरुड़ पुराण के अनुसार कहा गया है कि यदि मृत्यु के समय कुछ पवित्र वस्तुएं व्यक्ति के पास हों, तो उसकी आत्मा को यमदूतों का सामना नहीं करना पड़ता और उसे स्वर्ग की प्राप्ति हो सकती है।

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भारत

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MEGHA ROY

Mar 05, 2026

Garuda Purana in Hindi, मृत्यु के समय क्या होना चाहिए, मृत्यु के समय मोक्ष कैसे मिलता है,

Garuda Purana Death Secrets|फोटो सोर्स: Chatgpt

Garuda Purana: हिंदू धर्मग्रंथों में गरुड़ पुराण को जीवन, मृत्यु और मृत्यु के बाद आत्मा की यात्रा से जुड़े रहस्यों को समझाने वाला महत्वपूर्ण ग्रंथ माना जाता है। इसमें बताया गया है कि मनुष्य के कर्म ही उसके अगले लोक की दिशा तय करते हैं। हालांकि शास्त्रों में यह भी उल्लेख मिलता है कि यदि मृत्यु के समय कुछ विशेष स्थितियां या गुण व्यक्ति के जीवन में मौजूद हों, तो आत्मा को नरक की पीड़ा से मुक्ति मिल सकती है और उसे शुभ लोक की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं कि गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु के समय कौन-सी 4 चीजें आत्मा के लिए शुभ मानी गई हैं।

तुलसी के पत्ते

सनातन धर्म में तुलसी को देवी का स्वरूप माना गया है। मान्यता है कि जिस व्यक्ति के शरीर के पास या मुंह में तुलसी के पत्ते होते हैं, उसकी आत्मा को यमलोक नहीं जाना पड़ता। इसलिए परंपरा है कि मृत्यु के समय व्यक्ति को तुलसी के पौधे के पास लिटाया जाता है और उसके माथे या मुंह में तुलसी दल रखा जाता है।

गंगाजल

मृत्यु के समय व्यक्ति के मुंह में गंगा का जल डालने की परंपरा बहुत पुरानी है। धार्मिक मान्यता के अनुसार गंगा भगवान विष्णु के चरणों से उत्पन्न हुई हैं और उनका जल पापों का नाश करता है। माना जाता है कि जो व्यक्ति गंगाजल ग्रहण करके प्राण त्यागता है, उसे स्वर्ग की प्राप्ति होती है।

तिल

तिल को भी बहुत पवित्र माना गया है। कहा जाता है कि तिल का संबंध भगवान विष्णु से है और इसका दान अत्यंत शुभ माना जाता है। मृत्यु के समय काले तिल को पास में रखना या तिल का दान करना नकारात्मक शक्तियों को दूर रखता है और आत्मा की यात्रा को आसान बनाता है।

कुशा घास

धार्मिक अनुष्ठानों में प्रयोग होने वाली कुशा घास को भी पवित्र माना गया है। मान्यता है कि मृत्यु के समय व्यक्ति को कुशा की चटाई पर लिटाया जाए, तो यह आत्मा को शुद्ध और शांत मार्ग प्रदान करती है।