
Signs before death according to Garuda Purana|फोटो सोर्स- Freepik
Garuda Purana Death Signs: गरुड़ पुराण के अनुसार मनुष्य को अपने अच्छे-बुरे कर्मों का फल जीवन और मृत्यु दोनों के समय भोगना पड़ता है। इस ग्रंथ में बताया गया है कि मृत्यु अचानक नहीं आती, बल्कि उसके पहले व्यक्ति को कुछ विशेष संकेत मिलने लगते हैं, जिन्हें हम अक्सर समझ नहीं पाते या अनदेखा कर देते हैं।सनातन धर्म में गरुड़ पुराण का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इसमें जन्म-मृत्यु के रहस्य, स्वर्ग-नरक, पाप-पुण्य और आत्मा की यात्रा का विस्तार से वर्णन मिलता है। इसी कारण किसी व्यक्ति के निधन के बाद उसके घर में गरुड़ पुराण का पाठ करने की परंपरा है, ताकि आत्मा को शांति और मोक्ष का मार्ग मिले।
कहा गया है कि जब मृत्यु निकट होती है, तब व्यक्ति अपनी ही नाक स्पष्ट रूप से नहीं देख पाता। सामान्य स्थिति में नाक की हल्की झलक दिखती रहती है, लेकिन अंतिम समय में यह अनुभूति समाप्त हो जाती है।
जब कोई व्यक्ति तेल या पानी में अपनी परछाई नहीं देख पाता, तो इसे भी अशुभ संकेत माना गया है। मान्यता है कि मृत्यु समीप होने पर छाया भी साथ छोड़ने लगती है।
गरुड़ पुराण में उल्लेख है कि मृत्यु से पहले हाथों की रेखाएं हल्की हो जाती हैं या कुछ लोगों को वे बिल्कुल दिखाई नहीं देतीं। इसे जीवन की रेखाओं के क्षीण होने का प्रतीक माना गया है।
अंतिम समय से पहले व्यक्ति को स्वप्न में बुझा हुआ दीपक या अन्य रहस्यमयी दृश्य दिखाई दे सकते हैं। यह जीवन की ज्योति के मंद पड़ने का संकेत समझा जाता है।
मान्यता है कि मृत्यु से पहले व्यक्ति को अपने पूर्वजों या सूक्ष्म शक्तियों की उपस्थिति का अनुभव होने लगता है। इसे आत्मा के अगले लोक में स्वागत की तैयारी माना गया है।
गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के निकट श्वास की गति असामान्य हो जाती है। कभी-कभी व्यक्ति को आसपास के लोग दिखाई नहीं देते, मानो उसका ध्यान किसी और लोक की ओर खिंच रहा हो।
Updated on:
25 Feb 2026 04:00 pm
Published on:
25 Feb 2026 04:00 pm
