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Garuda Purana Death Secrets: मृत्यु के बाद 24 घंटे तक आत्मा क्यों रहती है यमदूतों के साथ? जानें क्या कहता है शास्त्र

Garuda Purana Death Secrets: गरुड़ पुराण में जीवन और मृत्यु के रहस्यों को विस्तार से बताया गया है।जिसमें मृत्यु के बाद आत्मा की यात्रा, स्वर्ग-नरक और पुनर्जन्म से जुड़े कई रहस्यों का वर्णन मिलता है। मान्यता है कि इस ग्रंथ में भगवान विष्णु और उनके वाहन गरुड़ देव के बीच हुई दिव्य वार्ता के माध्यम से जीवन के गूढ़ सिद्धांतों को समझाया गया है।

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भारत

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MEGHA ROY

Mar 05, 2026

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What happens to soul after death in hinduism|फोटो सोर्स- Freepik

Garuda Purana Death Secrets: हिंदू धर्मग्रंथों में गरुड़ पुराण को जीवन और मृत्यु के रहस्यों को समझाने वाला महत्वपूर्ण ग्रंथ माना जाता है। इसमें बताया गया है कि जब किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है, तो उसके बाद आत्मा तुरंत अपनी अंतिम यात्रा पर नहीं निकलती। शास्त्रों के अनुसार मृत्यु के बाद कुछ समय तक आत्मा एक विशेष अवस्था में रहती है और इस दौरान यमदूत उसे अपने साथ ले जाने की प्रक्रिया शुरू करते हैं।आइए जानते हैं कि शास्त्रों के अनुसार इस दौरान आत्मा किस अवस्था में रहती है और यमदूतों की भूमिका क्या होती है।

मृत्यु के बाद आत्मा के साथ क्या होता है?

गरुड़ पुराण के अनुसार जब किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है, तब आत्मा शरीर को त्याग देती है, लेकिन उसकी यात्रा तुरंत समाप्त नहीं होती। शरीर से अलग होने के बाद आत्मा को यमदूत अपने साथ यमलोक ले जाते हैं। वहां उसे लगभग 24 घंटे तक रखा जाता है।इस अवधि में आत्मा को अपने पूरे जीवन के कर्मों का बोध कराया जाता है। उसे यह दिखाया जाता है कि उसने जीवन में कौन-कौन से अच्छे और बुरे कर्म किए। यह समय आत्मा के लिए आत्मचिंतन और अपने कर्मों की सच्चाई को समझने का माना जाता है।

24 घंटे बाद आत्मा को वापस क्यों भेजा जाता है?

शास्त्रों के अनुसार यमलोक में एक दिन पूरा होने के बाद आत्मा को कुछ समय के लिए वापस पृथ्वी पर भेज दिया जाता है। माना जाता है कि लगभग 13 दिनों तक आत्मा अपने घर और परिजनों के आसपास रहती है।इस दौरान आत्मा अपने प्रियजनों को देखती है, उनके दुख-सुख को महसूस करती है और धीरे-धीरे सांसारिक मोह से अलग होने की प्रक्रिया से गुजरती है।

13 दिन बाद आत्मा की अगली यात्रा

तेरहवें दिन के बाद आत्मा की अंतिम यात्रा शुरू होती है। इस यात्रा में उसे तीन अलग-अलग मार्ग दिखाई देते हैं स्वर्ग लोक, नरक लोकऔर पितृ लोक।व्यक्ति के कर्मों के आधार पर ही तय होता है कि आत्मा को इनमें से किस लोक की प्राप्ति होगी। जिन्होंने जीवन में धर्म, दया और भक्ति का मार्ग अपनाया, उन्हें स्वर्ग या देवलोक मिलता है। वहीं पाप कर्म करने वाले लोगों को नरक की यातनाएं भोगनी पड़ती हैं।

मृत्यु के बाद 13 दिन तक क्यों पढ़ा जाता है गरुड़ पुराण?

हिंदू परंपरा में किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद 13 दिनों तक गरुड़ पुराण का पाठ करवाने की प्रथा है। ऐसा माना जाता है कि इस ग्रंथ के श्रवण से मृत आत्मा को शांति मिलती है और उसकी आगे की यात्रा सुगम होती है।साथ ही यह पाठ जीवित लोगों को भी जीवन की सच्चाई और कर्मों के महत्व का बोध कराता है, जिससे वे धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा लेते हैं।