मुलायम ने कहा कि मेरा तब लिया गया यह फैसला एकदम दुरुस्त था। इसी का नतीजा है कि नेता मुझसे सीधे बातचीत करते हैं और मैं सरकार की खामियों को सार्वजनिक रूप से उजागर करता हूं
लखनऊ. बुधवार को सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि वह क्यों 2012 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री नहीं बने। राजधानी के विक्रमादित्य मार्ग स्थित पार्टी कार्यालय में सपा के युवा सम्मेलन में मुलायम ने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री बनने के बजाय आपके साथ रहने को तरजीह दी, ताकि मैं कार्यकर्ताओं के बीच रहकर उनसे बातचीत कर सकूं और उनकी समस्याएं सुन सकूं और सरकार से बाहर रहकर सरकार के कामकाज की भी समीक्षा कर सकता हूं।
मुलायम ने कहा कि मेरा तब लिया गया यह फैसला एकदम दुरुस्त था। इसी का नतीजा है कि नेता मुझसे सीधे बातचीत करते हैं और मैं सरकार की खामियों को सार्वजनिक रूप से उजागर करता हूं।
अखिलेश के कामकाज को सराहा इस दौरान यादव ने अपने बेटे अखिलेश यादव की सरकार के कामकाज की सराहना करते हुए कहा, मुझे सरकार से इतने उम्दा तरीके से काम करने की उम्मीद नहीं थी। केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने 2014 के लोकसभा चुनाव में एक भी वायदे को पूरा नहीं किया।
सपा मुखिया ने कहा कि सूबे की अखिलेश यादव सरकार गरीबों के हित में काम कर रही है और लखनऊ मेट्रो परियोजना भी अनेक गरीबोन्मुखी योजनाओं को लागू किए जाने के बाद शुरू की गई। उन्होंने कहा, मैंने अखिलेश से कहा था कि लखनऊ मेट्रो परियोजना का पहला चरण राज्य विधानसभा चुनाव से पहले पूरा करा दिया जाए ताकि लोग पार्टी को याद रखें।
ये भी पढ़िए- पापा के B day पर नहीं हुआ सरकारी खर्च, बुआ ने डाली है RTI: अखिलेश फैसले पर नाराज हुए थे कई नेता पार्टी के मिशन 2017 की तैयारियों के सिलसिले में आयोजित इस सम्मेलन में सपा मुखिया ने कहा, मेरे इस फैसले पर पार्टी के कई नेता मुझसे नाराज हुए थे। उनका यहां तक कहना था कि हमने आपके नाम पर वोट मांगा है, लेकिन मैंने उनको समझाया कि सरकार से बाहर रहकर मैं उसके कामकाज का बेहतर ढंग से आंकलन कर सकूंगा।
केंद्र सरकार पर साधा निशाना केन्द्र की भारतीय जनता पार्टी नीति सरकार ने लोगों को धोखा दिया है। दादरी में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या किए जाने की वारदात का जिक्र करते हुए यादव ने आरोप लगाया कि इस घटना के पीछे भाजपा का हाथ था। इस अपराध में शामिल तीन युवा भाजपा के थे। उन्होंने कहा, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब एक सैनिक दुश्मनों से लड़ रहा था, एक साम्प्रदायिक गुट ने उसके पिता की पीट-पीटकर हत्या कर दी। अगर प्रधानमंत्री चाहें, तो मैं उनकी पार्टी के उन तीन युवाओं के नाम भेज सकता हूं, जो इस वारदात में शामिल थे।
मिशन 2017 का आह्वान इस मौके पर यादव ने युवाओं का आह्वान किया कि वे अगले साल होने राज्य विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट जाएं और लोगो को राज्य में सपा सरकार द्वारा शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दें। इस सम्मेलन में दस हजार से अधिक युवाओं ने भाग लिया। सम्मेलन को पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी सम्बोधित किया।