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गुड़ से भरे ट्रक निकालने के मांगते हैं एक हजार

नाकेबंदी के दौरान वनकर्मियों के द्वारा गुड़ से भरे ट्रक को भी पकड़ लिया।

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Gaurav Sen

Dec 20, 2015

श्योपुर। श्योपुर-शिवपुरी स्टेट हाईवे स्थित ढेंगदा वन चौकी के सामने वन विभाग के द्वारा शनिवार सुबह लकड़ी चोरी रोकने के लिए नाकेबंदी की गई। इस नाकेबंदी के दौरान वनकर्मियों के द्वारा गुड़ से भरे ट्रक को भी पकड़ लिया।

जिसका विरोध जताने पहुंचे ट्रक यूनियन के पदाधिकारी सहित ट्रक चालक के परिवार के लोगों से वनकर्मियों की कहासुनी हो गई। विवाद ज्यादा बढऩे पर नाराज लोगों ने हंगामा करते हुए वन चौकी के सामने हाईवे पर जाम लगा दिया। जाम लगाने वाले लोगों का कहना था कि वनर्मियों को अवैध वसूली देने से मना करने पर बदलने की नियत से कार्रवाई कर रहे हैं। जबकि गुड़ पर कार्रवाई करने का अधिकार वन विभाग को नहीं है।

विवाद होने की खबर सुनकर मौके पर आए एसडीओ क्षितिज कुमार ने लोगों से चर्चा कर उनके हंगामे को शांत करवाते हुए जाम को खुलवाया। वहीं लोगों के द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है।

ऐसे बनी विवाद की स्थिति
दरअसल शनिवार सुबह जंगल से लकड़ी की अवैध निकासी रोकने के लिए वन विभाग के द्वारा ढेंगदा वन चौकी के सामने नाकेबंदी की गई। सिर पर लकड़ी काटकर ला रहे लोगों को रोकने के साथ ही वनकर्मियों ने वाहनों को भी रोककर उनकी तलाश लेना शुरू कर दी। तभी गुड़ लेकर शहर की तरफ आ रहे एक ट्रक को भी रोक दिया गया। ट्रक को छुड़ाने के लिए पहुंचे लोगों के साथ वनकर्मियों की कहासुनी हो गई और इसके बाद विवाद बढ़ गया। विवाद बढऩे पर नाराज लोगों ने हाईवे पर जाम लगा दिया। यह जाम करीब आधे घंटे तक लगा रहा।

अवैध वसूली का लगाया आरोप
जाम लगाने वाले लोगों का आरोप था कि $गुड़ के ट्रक को रोककर उसके चालक से वन कर्मियों ने एक हजार रुपए की मांग की गई। इसके बाद ट्रक चालक के परिवार के लोगों के साथ भी अभद्रता कर दी गई। लोगों का आरोप था कि लकड़ी चोरी रोक पाने में असफल रहने वाला वन विभाग, गुड़ और कोयला लाने पर भी वाहनों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। जो गलत है।

तीन बसों सहित पांच वाहनों के खिलाफ की कार्रवाई
करीब 9 बजे से शुरू हुई विवाद की स्थिति दोपहर 12 बजे तक चली। विवाद बढऩे पर वन विभाग के द्वारा नाकेबंदी को भी हटा लिया गया है। लेकिन तब तक वन विभाग के द्वारा तीन यात्री बसों सहित पांच वाहनों के खिलाफ प्रकरण बनाए जाने की कार्रवाई कर दी गई। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बसों के खिलाफ कोयला रखे होने के कारण प्रकरण बनाया गया।जबकि ट्रक में गुड और एक मेटाडोर पर चीड़ का परिवहन संबंधी दस्तावेज न होने पर कार्रवाईकी गई।

आरोप निराधार
न तो अवैध वसूली का आरोप सही है और न ही अभद्रता का। किसी के साथ कोई अभद्रता नहीं की गई। परिवहन संबंधी दस्तावेज नहीं दिखाने पर हमने तीन बसों सहित पांच वाहनों पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए प्रकरणों को संबंधित विभाग के सुपुर्द किया गया है।
क्षितिज कुमार, एसडीओ,वन श्योपुर

गाली-गलौच की
अवैध वसूली न देने पर मेरे बेटे के ट्रक को रोक लिया गया। जब उसे छुड़ाने के लिए पहुंची तो वनकर्मियों ने मुझसे भी गाली गलौच कर दी।
महफूजा खातून, परिजन, करते हैं मनमानी

व्यापारी दीपक बंसल का गुड़ लेकर आ रहे ट्रक को रोककर वन कर्मियों के द्वारा ट्रक चालक से एक हजार रुपए की मांग की गई। न देने पर ट्रक के खिलाफ प्रकरण बना दिया गया। जबकि गुड़ लाने पर कार्रवाई करने का अधिकार वन विभाग को नहीं है। वन विभाग की यह मनमानी बंद होनी चाहिए। ट्रक यूनियन इस मनमानी की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से करेगी।
कय्यूम खान, अध्यक्ष,ट्रक यूनियन श्योपुर