पैदा होने से लेकर रोजमर्रा की जिंदगी और मृत्यु के बाद लगने वाले समान का नगर में एकमात्र ठिकाना झंडाबाजार है। अंग्रेजी शासनकाल से लेकर आज तक लोगों की पसंद व विश्वास की परंपरा इस बाजार को लेकर कायम है और इसी के चलते सुबह से देर रात तक लोगों की भीड़ यहां देखने को मिलती है। चूड़ी, बिंदी, किराना, अनाज, कपड़ा, सराफा से लेकर सब्जी तक इस स्थान में लोगों को मिलती है और इसी के चलते नगर के अलावा पूरे जिले से खरीदी करने लोग पहुंचते हैं।