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महाकाली के इस अलौकिक मंदिर में मां स्वयं दीवार पर लिखकर देती हैं भक्तों की समस्या का समाधान

महाकाली के इस अलौकिक मंदिर में मां स्वयं दीवार पर लिखकर देती हैं भक्तों की समस्या का समाधान

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Tanvi Sharma

Jul 08, 2018

kalinka mandir

महाकाली के इस अलौकिक मंदिर में मां स्वयं दीवार पर लिखकर देती हैं भक्तों की समस्या का समाधान

उत्तराखंड को चमत्कारों की धरती व देवभूमी माना जाता है। कहा जाता है की अत्तराखंड के हर मंदिर में आपको कोई नया चमत्कार देखने को मिलता है। यहां मंदिरों में एक अलग ही अलौकिक शक्तियां प्रवाह करती है मानों जैसे साक्षात यहीं रहती हों। ऐसा ही एक शक्तिपीठ है मां कलिंका का जो अपने रहस्य और चमत्कारों के ल‌िए दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। यहां देवी खुद भक्‍तों के बीच आती हैं और उनकी मनोकामनाएं सुनती हैं। मां काली के इस मंदिर में हो रहे चमत्कार को यदि आप अपनी आंखों से देखेंगे तो आप खुद पर यकीन नहीं कर पाएंगे। मां के इस दरबार में सच्चे दिल से मनोकामना लेकर जाने वाले कभी खाली हाथ नहीं लौटते। मंदिर को लेकर कहा जाता है कि यहां मां काली खुद आपकी मनोकामना बताती हैं। इसके साथ ही मौके पर ही आपकी मनोकामना का समाधान भी कर देतीं है।

यहां है यह अलौकिक, अद्भुत मंदिर

हम जिस मंदिर की बात कर रहे हैं देवी मां का यह अद्भुत मंद‌िर टिहरी के बटखेम गांव में स्थित है। मां कालिंका का मंदिर अपने चमत्कारों के लिए दुनियाभर में लोकप्रिय है। पूरी दुनिया से लोग यहां अपने मन की मुरादें लेकर आते हैं। यहां मंदिर में महाकाली की डोली भक्तों की मनोकामना को दीवार पर लिखती हैं। इसके बाद तुरंत ही मां द्वारा भक्तों की समस्या का समाधान भी उसी दीवार पर लिखी जाती है। यह माता का चमत्कार नहीं है तो क्या है। मान्यताओं के अनुसार यह भी कहा जाता है क‌ि देवी का पश्वा अपने हाथों पर सूखे चावलों को भिगोता है और तुरंत ही हरियाली में बदल देता है। कहा जाता है की यहां देवी साक्षात यहां भक्तों की पुकार सुनने आती है। ऐसा चमत्कार शायद ही कभी दुनिया में देखा होगा।

निसंतान दंपतियों को मिलता है संतान सुख

इस मंद‌िर के बारे में एक खास बात और भी कही जाती है। मान्यता है कि माता के दर पर आने वाले निसंतान दंपतियों को संतान का सुख जरूर म‌िलता है। नई टिहरी से बटखेम गांव बपांच किलोमीटर दूर पड़ता है। ये गांव 57 परिवारों वाला गांव है। इसी गांव में मां कालिंका का भव्य मंदिर है। हर रविवार को मंदिर परिसर में एक खास पूजा-अर्चना होती है। माता की डोली का आह्वान किया जाता है। इसके बाद मां खुद भक्त को अपने पास बुलाती है और उसकी समस्या का समाधान करती है।

देश ही नहीं विदेशों से भी आते हैं श्रृद्धालु

इस मंद‌िर में उत्तराखंड के यहां दूर-दराज के क्षेत्रों से लोग अपनी परेशानियां लेकर आते हैं। सिर्फ देश से ही नहीं वल्कि विदेश से भी लोग अपनी परेशानियों का हल लेने आते हैं। मंदिर की खास बात यह है कि यहां द‌िल्ली, मुंबई, राजस्थान से कई फर‌ियादी आते हैं। मां हर भक्त की मनोकामना को पूर्ण करती हैं। उत्तराखंड की कुछ खास वजहें हैं और इन वजहों से ही इसे देवभूमि कहा जाता है। मां कालिंका के इस मंदिर में विज्ञान भी फेल हो चुका है। हर बार यहां ऐसे ऐसे चमत्कार होते हैं कि खुद वैज्ञानिक भी हैरान हो जाते हैं। स्थानीय लोग कहते हैं कि आज माता से आशीर्वाद लेने वालों में कई वैज्ञानिक भी हैं।