
Girraj Shila at Radha Damodar temple
वृन्दावन के राधा दामोदर मंदिर में एक गिर्राज शिला रखी हुई है जिसे भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं अपने भक्त सनातन गोस्वामी को दिया था। सनातन गोस्वामी वृन्दावन से नित्य गोवर्धन पैदल जाते थे तथा वहां पर सप्तकोसी परिक्रमा कर वापस फिर वृन्दावन राधा दामोदर मंदिर में आ जाते थे। अत्यन्त वृद्ध होने पर एक बार जब वे थककर परिक्रमा मार्ग में बैठ गए तो ठाकुर जी साधारण मानव के रूप में उनके सामने प्रकट हो गए।
इस शिला पर स्वयं भगवान कृष्ण ने अंकित किए थे अपने चरण चिन्ह
उन्होंने वृद्धावस्था के कारण थके हुए सनातन से परिक्रमा न करने को कहा तो सनातन के अश्रुधारा बह निकली। इसके बाद ठाकुर के रूप में आए भगवान कृष्ण ने एक शिला उठाई। ज्योंही उन्होंने उस पर अपने चरणकमल रखे कि शिला मोम की तरह पिघल गई और उस पर उनके चरण कमल बन गए। इसके बाद वंशी बजाकर उन्होंने सुरभि गाय को बुलाया और उसका खुर उस पर रखकर उसका निशान अंकित कर दिया। श्रीकृष्ण ने अपनी वंशी और लकुटी का चिन्ह अंकित कर वह शिला सनातन को दे दी तथा अपना विराट रूप दिखाया।


Published on:
25 Nov 2015 01:34 pm
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