
वैसे तो भारत में कोने-कोने में देवी दुर्गा का मंदिर स्थापित है। सभी मंदिरों की अलग-अलग मान्यताएं है। सबसे ज्यादा मां दुर्गा का मंदिर पहाड़ों पर स्थापित है, जो अपने चमत्कारों के कारण दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इन मंदिरों में मां दुर्गा के दर्शन करने के लिए दुनिया भर के लोग भागे-भागे चले आते हैं।
दर्शन के लिए 1063 सिढ़ियां चढ़नी पड़ती है
आज हम एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जो दुनिया का इकलौता शारदा मंदिर है। यह मंदिर मैहर माता के मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। यह मंदिर पहाड़ियों के बीच है। यह मंदिर मध्यप्रदेश के सतना जिले की मैहर में स्थित है। यह मंदिर त्रिकुट पर्वत पर बना है। यहां पर मां के दर्शन करने के लिए 1063 सिढ़ियां चढ़नी पड़ती है, तब मां के दर्शन होते हैं।
आल्हा और उदल करते हैं पूजा
इस मंदिर के बारे कई कथाएं प्रचलित है। कहा जाता है कि इस मंदिर को रोज रात में बंद कर दिया जाता है और सुबह में जब कपाट खोले जाते हैं तो पूजा पहले से किया रहता है। मान्यता है इस मंदिर में माता का सबसे पहले आल्हा और उदल करते हैं उसके बाद ही कोई और करता है।
रात में कोई नहीं रूकता
कहा तो ये भी जाता है कि इस मंदिर में रात में कोई नहीं रूकता है अगर गलती से रूक भी गया तो उसकी मृत्यु हो जाती है। बताया जाता है कि इस मंदिर की खोज आल्हा और उदल ने की थी। यहां पर वैसे तो हर दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं लोकिन नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है।
दुनिया का इकलौता शारदा मंदिर
इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यह दुनिया का इकलौता शारदा मंदिर है। इस मंदिर माता के अलावा काल भैरवी, भगवान हनुमान, काली मां, गौरी शंकर, ब्रह्मदेव, फूलमती माता के अलावा अन्य देवी-देवताओं की पूजा की जाती है। इस मंदिर को 52 शक्तिपीठों में एक माना जाता है लेकिन इसका उल्लेख शास्त्रों में कहीं नहीं मिलता है।
Published on:
26 Sept 2019 04:18 pm
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