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एक ही रात में इस मंदिर का हुआ था निर्माण, आज भी है अधूरा

भोलेनाथ की शादी देवी-देवताओं के साथ-साथ भूत-प्रेत भी बाराती बनकर आये थे।
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एक ही रात में इस मंदिर का हुआ था निर्माण, आज भी है अधूरा

भोलेनाथ को भूतनाथ भी कहा जाता है। माना जाता है कि देवों के देव महादेव देवी-देवताओं और इंसानों के भगवान तो हैं ही, इसके अलावे भूत और दानव भी उनकों पूजते हैं और शिव जी को आराध्य मानते हैं।

पौराणिक कथाओं के अनुसार, भोलेनाथ की शादी देवी-देवताओं के साथ-साथ भूत-प्रेत भी बाराती बनकर आये थे। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि सावन महीना ( sawan month ) भगवान शिव ( Lord Shiva ) का अत्यंत प्रिय महीना है। माना जाता है कि इस महीने में भोलेनाथ शिव भक्तों के बहुत करीब रहते हैं।

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आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके बारे में कहा जाता है कि इस मंदिर को भूतों ने एक ही रात में निर्माण किया था। यह मंदिर मध्य प्रदेश के मुरैना में सिहोनिया में स्थित है। इसे कनकमठ मंदिर के नाम से जाना जाता है।

भगवान शिव को समर्पित है कनकमठ मंदिर

इस मंदिर के निर्माण के बारे में कहा जाता है कि इसके निर्माण में किसी तरह के सीमेंट का प्रयोग नहीं किया गया है। यह मंदिर एक महान शैली का उत्कृष्ट नमूना है। इस मंदिर को उत्तर भारतीय शैली में बनाया गया है।

मंदिर में लगे खंभों की आज तक कोई गिन नहीं पाया

इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि इसके निर्माण में जिन पत्थरों का इस्तेमाल किया है, वह दूर-दूर तक इस इलाके में देखने को नहीं मिलते हैं। मंदिर से जुड़ी खास बात यह है कि यहां पर चारो ओर लगे बड़े-बड़े खंभों की आज तक कोई गिन नहीं पाया।

आज भी है अधूरा

स्थानीय बताते हैं कि इस मंदिर का निर्माण एक ही रात में ही पूरा करने की कोशिश की गई थी, लेकिन सुबह होने के कारण इस अधूरा छोड़ दिया गया था। देखने से भी लगता है कि मंदिर अधूरा है। इस मंदिर की देखरेख भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण कर रही है।