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पिता की मौत के सदमें के बीच आशु ने पाया प्रदेश में चौथ स्थान

हायर सेकेंडरी का परीक्षा परिणाम घोषित

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Ashu got fourth place in the state

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टीकमगढ़. हायर सेकेंडरी की परीक्षा में निवाड़ी जिले के ग्राम बंगरा की कु आशु यादव ने कृषि संकाय में प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त किया है। 500 में से 475 अंक प्राप्त करने वाली आशु जब अपने पेपर दे रही थी तो उसके दिल और दिमाग पर पिता का चेहरा भी घूम रहा होगा। परीक्षा के ठीक 12 दिन पहले उसके पिता की दुर्घटना में मौत हो गई थी।


गुरुवार को घोषित हुए कक्षा 12वी के परीक्षा परिणाम में ऐसे कई छात्र है, जिन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में टॉप किया है, लेकिन कृषि संकाय में चौथे स्थान पर आई आशु यादव की बात सबसे जुदा है। आशु ने केवल 12वी की परीक्षा ही नहीं दी थी, ईश्वर उसके धैर्य और साहस की परीक्षा भी ले रहा था। आशु जब परीक्षा की तैयारियों में लगी थी तो 16 फरवरी को उसके घर में वह खबर आई कि पूरा परिवार ही गमजदा हो गया। काम के सिलसिले में उरई गई उसके पिता सुनील यादव की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। हायर सेकेंडरी की परीक्षा के पहले ही ईश्वर ने आशु के जीवन की सबसे बड़ी परीक्षा ले ली थी। परीक्षा तक का पूरा समय पिता की मौत के कार्यक्रमों में चला गया। एक बार तो परिजनों एवं रिश्तेदारों ने कहा कि इस बार परीक्षा रहने दें लेकिन आशु नहीं मानी और पिता को अपने दिल में रखकर वह पेपर देने पहुंची। आशु बताती है कि वह पेपर देने ही निवाड़ी आती थी और फिर अपनी मां की देखभाल के लिए घर चली जाती थी। ऐसे में दोहरी जिम्मेदारी निभाते हुए आशु ने यह परीक्षा दी और इतिहास रच दिया। उनकी इस सफलता से पूरे गांव में खुशी का माहौल है। आशु कहती है कि वह अपने पिता के हर एक सपने को पूरा करेंगी।

खेतीहर मजूदर के बेटे ने पाया 9वां स्थान
निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर ब्लॉक के छोटे से गांव ज्यौरा मोरा के अनिरूद्ध मिश्रा ने गणित संकाय में 479 अंक अर्जित कर प्रदेश में 9वां स्थान प्राप्त किया है। अनिरूद्ध खेतीहर मजदूर राजेश मिश्रा के पुत्र है। अनिरूद्ध कहते है कि पिता का एक ही सपना है कि उनके बच्चे पढ़ जाए। ऐसे में खेती के साथ ही वह एक खाद के गोदाम पर मजदूरी करते है। उकने सपनों के लिए अनिरूद्ध स्कूल के बाद प्रतिदिन 7 से 8 घंटे पढ़ाई करता था। सेल्फ स्टेडी कर यह सफलता प्राप्त करने वाले अनिरूद्ध इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में जाना चाहते है। वह कहते है कि पढ़ाई के लिए उन्हें अपनी बहन से प्रेरणा मिली।

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