
As the evening falls, darkness falls
टीकमगढ़. यूं तो कोरोना काल में केन्द्र सरकार ने रेलवे पर विशेष ध्यान दिया है लेकिन ललितपुर-खजुराहो रेल लाइन पर स्थित खरगापुर रेलवे स्टेशन उपेक्षित ही रहा। स्थिति यह है कि खरगापुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। आलम यह है कि यहां रोशनी तक की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। शाम ढलते ही खरगापुर रेलवे स्टेशन परिसर अंधेरे में डूब जाता है। ऐसे में रात में ट्रेन से उतरने वाले यात्रियों और ट्रेन पकडऩे वाले यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। खासकर, महिलाओं व बच्चों में असुरक्षा की भावना घर जाती है। रेलवे मंत्रालय देश के तमाम रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है, लेकिन खरगापुर रेलवे स्टेशन की घोर उपेक्षा की जा रही है। इसके चलते खरगापुर रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकडऩे व ट्रेन से उतरने वाले यात्रियों में रोष व्याप्त है।
स्टेशन पर रोशनी नहीं होने से यात्रियों को पता ही नहीं चल पाता कि उसका गंतव्य आ चुका है। इतना ही नहीं यहां उतरने वाले यात्रियों को प्लेटफार्म व स्टेशन के बाहर रोशनी नहीं होने से भी काफी परेशानी होती है। स्टेशन पर मात्र स्टेशन अधीक्षक व टिकट घर के बाहर ही बल्ब टिमटिमाते नजर आते हैं जबकि स्टेशन का अन्य परिसर घुप्प अंधेरे के आगोश में रहता है। दैनिक यात्रियों ने इस समस्या को लेकर कई बार रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत भी कराया है लेकिन यात्रियों मूलभूत सुविधाओं पर किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया।
यात्रियों को असुरक्षित होने का भय
खरगापुर रेलवे स्टेशन पर कई ट्रेनों रात में ठहराव है। इन ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों को रात्रि के समय स्टेशन पर जाते हैं लेकिन पुलिस सुरक्षा के इंतजाम नहीं होने से यात्रियों में असुरक्षा का भय बना रहता है। कई बार सुरक्षा नहीं होने पर घटनाएं घटित भी हो चुकी हैं। इसके बावजूद रेलवे प्रशासन ने खरगापुर रेलवे स्टेशन पर रेल पुलिस की कोई व्यवस्था नहीं की है। यात्रियों ने खरगापुर रेलवे स्टेशन पर रात्रि के समय पुलिस बल तैनात करने की मांग की है।
स्टेशन जाने वाली सड़क बदहाल
खरगापुर-पलेरा रोड से रेलवे स्टेशन के लिए जाने वाली सड़क बदहाल स्थिति में है। गड्ढों में तब्दील इस सड़क से ही यात्रियों को स्टेशन तक जाना पड़ता है। ऐसे में कई बार गड्ढों में वाहन फंस जाने के कारण यात्रियों को ट्रेन तक छूट जाती है।
क्या कहते हैं यात्री
खरगापुर रेलवे स्टेशन से होकर रात में कई ट्रेनें गुजरती हैं। लेकिन रात में रेलवे स्टेशन परिसर में अंधेरा छाया रहता है, पुलिस सुरक्षा भी नहीं रहती है। रेलवे स्टेशन से घर जाने के लिए रात्रि के समय साधन नहीं मिलते हैं। यात्रियों को अधिक किराया देकर अपने घर तक पहुंचना पड़ता है।
डीपी सिंह तोमर, यात्री एवं समाजसेवी
खरगापुर रेलवे स्टेशन नगर खरगापुर से 6 किलोमीटर दूर है। रेलवे स्टेशन आने-जाने में काफी समस्या होती है। वहीं खरगापुर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं होने से भय बना रहता है।
धनेंद्र सिंह लोधी, यात्री
खरगापुर रेलवे स्टेशन को जाने के लिए रास्ते में बड़े-बड़े गड्ढे हैं। प्रशासन को प्राथमिकता के आधार पर रोड निर्माण करवाना चाहिए। रात में यात्रा करने वाले यात्रियों को सुरक्षा के इंतजाम भी होना चाहिए ताकि महिलाएं रात में रेलवे स्टेशन पर सुरक्षित महसूस कर सकें।
देवकीनंदन अग्रवाल, समाजसेवी खरगापुर
खरगापुर रेलवे स्टेशन अभी भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। क्षेत्र के सांसद और विधायक को रेलवे स्टेशन पर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए रेल मंत्रालय से मांग करनी चाहिए।
देवेन्द्र सिंह यादव
Published on:
02 Feb 2022 08:31 pm
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